-IIT (BHU) में “मिथक और स्थान निर्माण” पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी, भारत कला भवन बना जीवंत अध्ययन केंद्र
वाराणसी।संवाददाता।
अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के अवसर पर काशी हिंदू विश्वविद्यालय आए देश–विदेश के विद्वानों एवं विशेषज्ञों ने भारत कला भवन का शैक्षिक भ्रमण किया। इस भ्रमण ने प्रतिनिधियों को भारतीय कला और इतिहास से प्रत्यक्ष परिचय कराने के साथ-साथ संग्रहालय की सुविचारित वास्तुकला और प्रदर्शनी दृष्टि को गहराई से समझने का अवसर प्रदान किया।
संगोष्ठी के शैक्षणिक कार्यक्रम के अंतर्गत 55 प्रतिनिधियों के लिए भारत कला भवन, बीएचयू का मार्गदर्शित भ्रमण आयोजित किया गया।

प्रतिनिधियों ने संग्रहालय की योजनाबद्ध संरचना और स्थापत्य दृष्टिकोण की सराहना करते हुए इसे भारतीय सांस्कृतिक स्मृति का सशक्त केंद्र बताया। भ्रमण के दौरान उन्होंने महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी से संबंधित भारत रत्न स्मृतियों, कुषाण एवं गुप्त काल के स्वर्ण सिक्कों, तथा चोल कालीन कांस्य प्रतिमाओं जैसी मूर्तिकला दीर्घा की कालजयी कृतियों का अवलोकन किया।
यह शैक्षिक भ्रमण संगोष्ठी के मूल विषय को सजीव रूप में प्रस्तुत करता है, जहाँ मिथक, कला, संस्कृति और स्थापत्य परस्पर संवाद करते हुए स्थान निर्माण (Placemaking) की अवधारणा को नई अर्थवत्ता प्रदान करते हैं।













