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बिहार–मध्यप्रदेश के बीच खेल सहयोग पर बनी सहमति, ‘मशाल’ योजना को अपनाएगा मध्यप्रदेश

-बिहार–मध्यप्रदेश के बीच खेल सहयोग पर बनी सहमति, ‘मशाल’ योजना को अपनाएगा मध्यप्रदेश

पटना। ब्यूरो।

बिहार और मध्यप्रदेश के बीच खेल अवसंरचना, खेल सुविधाओं तथा खेल ज्ञान साझा करने को लेकर आपसी सहमति बनी है। इसके तहत बिहार की महत्वाकांक्षी खेल प्रतिभा खोज योजना ‘मशाल’ को अब मध्यप्रदेश में भी लागू किया जाएगा। इसके साथ ही बिहार में वाटर स्पोर्ट्स के विकास के लिए मध्यप्रदेश हर संभव सहयोग करेगा।

बिहार की खेल मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं खेल मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंगी से मुलाकात के बाद इस आपसी सहमति को अंतिम रूप दिया। इस दौरान बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री रवीन्द्रण शंकरण तथा निदेशक श्री हिमांशु सिंह भी विशेषज्ञों के साथ उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने सरकारी आवास पर हुई बैठक में खेल मंत्री श्रेयसी सिंह का अभिनंदन करते हुए खेल विकास के क्षेत्र में दोनों राज्यों के बीच समन्वय, तालमेल और सहयोग का आश्वासन दिया। इस अवसर पर श्रेयसी सिंह ने मधुबनी साल और बोधि वृक्ष का प्रतीक चिन्ह भेंट कर मुख्यमंत्री का सम्मान किया, जबकि मुख्यमंत्री ने राम दरबार की प्रतिमा भेंट कर खेल मंत्री एवं महानिदेशक रवीन्द्रण शंकरण का अभिनंदन किया।

इसके बाद खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ मध्यप्रदेश के खेल मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंगी, खेल निदेशक श्री राजेश गुप्ता एवं अधिकारियों की टीम के साथ खेल सहयोग को लेकर विस्तृत विमर्श किया। श्री सारंगी ने भरोसा दिलाया कि मध्यप्रदेश की विभिन्न खेल अकादमियों में बिहार के खिलाड़ियों के लिए 20 प्रतिशत स्थान आरक्षित रखे जाएंगे। विशेष रूप से शूटिंग, तीरंदाजी, बॉक्सिंग और वाटर स्पोर्ट्स जैसे खेलों में बिहार के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण की सुविधा मिलेगी।

इस बात पर भी सहमति बनी कि जब तक बिहार में सभी खेलों की आधारभूत संरचना पूरी तरह विकसित नहीं हो जाती, तब तक प्रतिभावान खिलाड़ी मध्यप्रदेश की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन का लाभ उठा सकेंगे। दोनों राज्यों के बीच प्रशिक्षकों, खेल विशेषज्ञों और खेल ज्ञान के आदान-प्रदान पर भी सहमति बनी।

बैठक के दौरान मध्यप्रदेश के खेल मंत्री श्री सारंगी ने बिहार की खेल प्रतिभा खोज योजना ‘मशाल’ की विस्तृत जानकारी ली। योजना से प्रभावित होकर उन्होंने इसे मध्यप्रदेश में लागू करने के निर्देश दिए। ‘मशाल’ के क्रियान्वयन और संचालन को समझने के लिए मध्यप्रदेश के अधिकारियों की एक टीम शीघ्र ही बिहार का दौरा करेगी।

इससे पहले खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने भोपाल में केनोइंग, क्याकिंग और रोइंग अकादमियों का दौरा कर बिहार में वाटर स्पोर्ट्स के विकास की संभावनाओं का अध्ययन किया। भारतीय केनोइंग एंड क्याकिंग फेडरेशन के अध्यक्ष श्री प्रशांत कुशवाहा ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए बिहार में वाटर स्पोर्ट्स के विकास में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

फेडरेशन ने अगले सप्ताह कनाडा के एक ओलंपियन और अंतरराष्ट्रीय वाटर स्पोर्ट्स विशेषज्ञ को बिहार भेजकर संभावित स्थलों का सर्वे कराने पर सहमति जताई। इसके साथ ही बिहार के प्रशिक्षकों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, अकादमी निर्माण, जेटी निर्माण, उपकरणों की खरीद और आपूर्ति में भी पूरा सहयोग दिया जाएगा। फेडरेशन ने बिहार में वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के निर्माण से लेकर शुरुआती दो वर्षों तक इसके संचालन और प्रशिक्षण की जिम्मेदारी निभाने का भी भरोसा दिलाया, ताकि बिहार इस खेल विधा में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ सके।