-प्लैटिनम जुबली सम्मेलन में ‘कृषि में नवाचारी सांख्यिकीय विधियों’ पर मंथन
समस्तीपुर। डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (आरपीसीएयू) में चल रहे भारतीय कृषि सांख्यिकी सोसायटी (आईएसएएस) के तीन दिवसीय प्लैटिनम जुबली सम्मेलन के दूसरे दिन कृषि में नवीन सांख्यिकीय विधियों और उनके अनुप्रयोगों पर विशेषज्ञों ने गहन विचार-विमर्श किया। देशभर से आए वरीय वैज्ञानिकों ने 100 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए, जिनमें डिजिटल कृषि, सटीक खेती और डेटा-संचालित निर्णय लेने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।
सम्मेलन में 13 तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जो विद्यापति सभागार और पंचतंत्र सभागार में चले। इस दौरान सोसायटी के प्रेसिडेंट एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्व निदेशक डॉ. पद्म सिंह और सम्मेलन के सचिव एवं आईसीएआर के निदेशक डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कीनोट स्पीच दी। उन्होंने सांख्यिकी के वैश्विक बदलावों और कृषि विकास में इसके अनुप्रयोगों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

दूसरे दिन 20 से अधिक राज्यों के 250 प्रतिनिधियों ने अपने शोध, अनुभवों और अंतर्दृष्टियों को साझा किया। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी. एस. पांडेय ने अंतरविषयक सहयोग की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा, “सांख्यिकीविदों, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं को नवीन समाधान विकसित करने के लिए साथ में काम करना चाहिए।”
सम्मेलन का समापन शनिवार को पैनल चर्चा के साथ होगा, जिसमें कृषि सांख्यिकी के भविष्य और नीति निर्माण में सांख्यिकीविदों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
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