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अब खेतों में कृषि कार्यों के लिए सीधी होगी बिजली आपूर्ति

-अब खेतों में कृषि कार्यों के लिए सीधी होगी बिजली आपूर्ति

-मिशन मोड में हो रहा काम
-साढ़े 13किमी में बरसात से कराया जाएगा वायरिंग का काम
-इन इलाकों में पोल गाड़ने का काम लगभग हो गया पूरा
-घरेलू विद्युत आपूर्ति फीडर से हटेगी निर्भरता

मुजफ्फरपुर/बन्दरा। दीपक कुमार तिवारी।

प्रखंड एवं आसपास के क्षेत्र में बिहार विद्युत विभाग के द्वारा खेतों तक सीधा एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था बहाल करने को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विद्युत विभाग ने इसको लेकर मिशन मोड पर कार्रवाई तेज कर दी है। बन्दरा प्रखंड क्षेत्र में साढ़े 13 किलोमीटर में एग्रीकल्चर फीडर स्थापित करने की कार्रवाई की जा रही है। बरसात का समय शुरू होने से पहले वायरिंग का काम अपडेट करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बताया जाता है कि इन साढ़े 13 किलोमीटर एरिया में एग्रीकल्चर फीडर स्थापित करने को लेकर विद्युत पोल गाड़ने का काम लगभग पूरा कर लिया गया है। इन जगहों पर जल्द ही वायरिंग का काम भी शुरू कर दिया जाएगा। इस मामले को लेकर कार्य एजेंसी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। विद्युत विभाग के जेई अभिषेक कुमार ने बताया की एग्रीकल्चर फीडर निर्माण से फायदा होगा कि अब बिना किसी रूकावट के सीधा खेतों तक कृषि उपयोग के लिए किसानों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति हो सकेगी।प्रखंड एवं आसपास के क्षेत्र के कई इलाकों में खेतों में विद्युत आपूर्ति को लेकर तार-पोल नहीं लगे थे और ग्रामीण घरेलू विद्युती करण फीडर के माध्यम से ही खेतों तक विद्युत आपूर्ति की सुविधा थी। एग्रीकल्चर फीडर की स्थापना से विद्युत सप्लाई अब सीधे खेतों तक होगी।

एगीकल्चर सप्लाई का ट्रांसफर भी अलग होगा:

जेई ने बताया कि खेतों में विद्युत आपूर्ति करने और कृषि कार्य के लिए विद्युत सुविधा लेने को लेकर उपभोक्ताओं को अलग से आवेदन करना पड़ेगा। अन्यथा की स्थिति में उसे अवैध माना जाएगा। उन्होंने बताया कि कृषि कार्य को लेकर विद्युत कनेक्शन हेतु आवेदकों से आवेदन लिए जा रहे हैं। जिस इलाके में मानक क्षमता और सरकार के गाइडलाइन के अनुसार विद्युत उपभोक्ताओं की पर्याप्त संख्या होगी। उस इलाके में अलग से ट्रांसफर फार्मर भी लगाया जाएगा। इसको लेकर भी कार्रवाई की जा रही है।

यह होगा फायदा:

उन्होंने बताया कि एग्रीकल्चर फीडर की स्थापना के बाद निर्बाध विद्युत आपूर्ति की जा सकेगी। ना ग्रामीण उपभोक्ताओं को इससे ना कोई डिस्टर्ब होगा,न एग्रीकल्चर उपभोक्ता को कोई डिस्टर्ब होगा। दोनों क्षेत्रों के करंट सप्लाई अलग-अलग फीडर से कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि एग्रीकल्चर फीडर की स्थापना को लेकर सभी प्रखंडों में अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित किया गया है।ज्ञात हो कि प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में चौर के हिस्सों में विद्युत आपूर्ति कराने की कार्रवाई लगातार की जा रही थी।युद्ध स्तरों पर पोल गाड़े जा रहे थे।पोल गड़ने के साथ ही अब यहां वायरिंग का काम भी अविलंब शुरू किया जाएगा।