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स्पॉट: बागमती नदी की मुन्नी घाट में बनी जर्जर आरसीसी पुल हो सकती है जानलेवा

-बागमती नदी की मुन्नी घाट में बनी जर्जर आरसीसी पुल भी हो सकती है जानलेवा

मुुुजफ्फरपुर/बन्दरा। दीपक कुमार तिवारी।

यदि समय से नहीं चेता गया तो प्रखण्ड क्षेत्र में पुरानी बागमती नदी की धारा में मुन्नी घाट पर जर्जर लोहे का पुल भी कभी भी बड़े जानलेवा हादसे का सबब बन सकता है। बताया जाता है कि यह लोहे का पुल क्षेत्र के लोगों की लगातार मांग पर तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के द्वारा उद्घाटित किया गया था। तब बागमती नदी का मुन्नी घाट काफी प्रचलित एवं चालू(उपयोगी) था। यहां पुल निर्माण की अत्यंत जरूरत थी। तब मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने स्वयं यहां आकर इस आरसीसी पुल का उद्घाटन किया था। अब यह काफी पुराना एवं अत्यंत जर्जर हो चुका है। साल के प्रारंभ में क्षेत्र भ्रमण के दौरान लोगों ने स्थानीय विधायक निरंजन राय से यहां दूसरे पुल के निर्माण की मांग रखी थी तथा इस जर्जर पुल पर दुर्घटना की आशंका जताते हुए तत्काल भारी वाहनों पर रोक लगाने की मांग की गई थी। लिहाजा विधायक के पहल पर विभाग के द्वारा तत्काल ही यहां लोहे के बोल्डरों को लगाकर पुल के दोनों तरफ बैरिकेडिंग कर दी गई और छोटे-बड़े भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी गई, लेकिन आश्वाशन के बाबजूद पुल निर्माण कार्य की दिशा में देरी और नदी पार के स्थानीय लोगों को एक दूसरे तरफ आने-जाने में हो रही परेशानी के बीच किसी अज्ञात वाहन से इस बैरिकेटिंग को कुछ ही महीने बाद तोड़ दिया गया और फिर से यहां छोटे बड़े भारी वाहनों की आवाजाही जारी है।

स्थानीय ग्रामीण एवं क्षेत्रीय लोगों में पुल निर्माण में देरी और जर्जर खतरनाक पुल से भारी वाहनों के परिचालन को लेकर नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।लोगों का बताना है कि यहां किसी जानलेवा हादसे की आशंका भी लगातार बनी रहती है। मुन्नी के सुरेंद्र कुमार शोले एवं अन्य ग्रामीणों ने बताया कि यह विभागीय एवं जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा भी को दर्शाता है। यदि विभाग के अधिकारी और जनप्रतिनिधि गंभीर होते तो यहां पुल निर्माण की कार्रवाई अब तक शुरू हो गई होती और तत्काल भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगी होती। ऐसा नहीं होना कभी भी जानलेवा हादसे का जवाब हो सकता है।
ज्ञात होगी समस्तीपुर जिले के पड़ोसी सैदपुर-पूसा से केवट्सा- मुन्नी के रास्ते हनुमान नगर में दरभंगा-मुजफ्फरपुर फोरलेन से यह पथ जोड़ती है। बन्दरा प्रखंड के पूर्वी क्षेत्र के दर्जनों पंचायत एवं समस्तीपुर एवं दरभंगा जिला क्षेत्र के पड़ोसी इलाकों के दर्जनों गांवों को जोड़ने वाली यह प्रमुख सड़क है। बन्दरा एवं गायघाट प्रखंड क्षेत्र का नजदीकी इलाका भी एक दूसरे से इस पुल के माध्यम से जुड़ता है। लिहाजा यह अत्यंत जनउपयोगी पुल है। लोहे का यह आरसीसी पुल अत्यंत जर्जर होने की वजह से रात के अंधेरों या कुहासा आदि में भारी वाहनों के लिए खतरा बन सकता है। कमजोर एवं जर्जर किनारो को तोड़ता हुआ नदी में भी वाहन गिर सकता है।पुल का दोनों किनारा भी टूटा हुआ है।