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हिमालय से आ रही बर्फीली हवा ने गिराया बिहार का पारा, चिकित्सकों की इस सलाह को न करें नजरअंदाज

-हिमालय से आ रही बर्फीली हवा ने गिराया बिहार का पारा, चिकित्सकों की इस सलाह को न करें नजरअंदाज, नहीं तो…

बक्सर/पटना। सम्वाददाता।

शरीर को बेधती हिमालय की वादियों की बर्फीली पश्चिमी हवाएं जनजीवन को प्रभावित किए हुए हैं। एक तो रात बड़ी और दिन छोटा हो ही रहा है, उसमें भी सुबह-शाम की ठिठुरन से लोगों का दिन और भी सिमट गया है। कोहरा भले ही कम हो पर सुबह में 7-8 किलोमीटर प्रति घंटे की चाल से बह रही पश्चिमी हवा हाड़ कंपा रही है।

बुधवार को बक्सर जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर राष्ट्रीय नवाचार परियोजना के लघु मौसम तापमाप केंद्र, कुकुढ़ा में न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं अधिकतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम के बदले इस मिजाज में बच्चों-बूढ़ों की तो जैसे शामत के दिन ही आ गए हैं।

क्या कहते हैं बुजुर्ग:

नया बाजार के कपिलदेव, बाजार समिति रोड के 75 वर्षीय बृज लाल सिंह आदि ने कहा कि ये ठंड का मौसम हम बूढ़ों के लिए नहीं है। ठंड में बूढ़ों की धमनियों में एक तो रक्त प्रवाह की गति वैसे ही कम हो जाती है, हल्का टहलना भी बंद हो गया है।

बर्फबारी ने गिराया बिहार का पारा:

साल 2023 की विदाई के 10 दिन ही शेष रह गए हैं। अगहन का महीना भी विदाई की दहलीज पर खड़ा है। इसी समय में ठंड का दौर चरम पर रहता है, लेकिन अभी कड़ाके की ठंड पड़ते नहीं दिख रही है। यह और बात है कि पिछले एक सप्ताह से पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के कारण पश्चिमी हवा सितम ढाए हुए है।

कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख ने क्या कहा ?

कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख डॉ. देवकरण ने भारतीय मौसम विज्ञान के हवाले से बताया है कि दो दिनों बाद दिन एवं रात के तापमान में मामूली बढ़ोतरी होने की उम्मीद की गई है। फिलहाल, पछुआ हवा के प्रवाह का असर ऐसा है कि बाहर निकलने से पहले गर्म कपड़े पहनना जरूरी है। ठंड को लेकर चिकित्सकों ने भी सचेत रहने की सलाह दी है।

चिकित्सकों की सलाह:

1. सदर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डा. अनिल कुमार सिंह ने मौजूदा मौसम में बच्चे व बूढ़ों का विशेष रूप से ख्याल रखने की जरूरत पर बल दिया है।

2. यदि बच्चों में ठंड और कंपकंपी के साथ उल्टी और बुखार की शिकायत है तो तुरंत चिकित्सक से मिलें।

3. इस मौसम में भूख न लगने की शिकायत पर बिल्कुल भी नजरअंदाज ना करें।

4. बच्चों को हमेशा गर्म कपड़े पहनाएं, टोपी और मोजे पहनाकर रखें।

5. गर्म पौष्टिक आहार और मौसमी फलों का सेवन करें।

6. शुगर और बीपी के मरीज ज्यादा सावधानी बरतें। बुजुर्गों का ज्यादा ख्याल रखें।

7. घर के बुजुर्गों के अलावा भी प्रयास हो कि सभी गुनगुने पानी का ही सेवन करें।