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स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार अभियान

-स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार अभियान

-महिला स्वास्थ्य और पोषण सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की ऐतिहासिक पहल

-17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक जिले में विशेष पखवाड़ा,

-महिलाओं की स्वास्थ्य जांच, मातृ एवं शिशु देखभाल तथा जागरूकता कार्यक्रमों का होगा आयोजन

-सफल एवं सुचारु आयोजन हेतु जिलाधिकारी ने की बैठक
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मुजफ्फरपुर, 14 सितंबर —
महिला सशक्तिकरण को नई दिशा प्रदान करने तथा उनके स्वास्थ्य और पोषण संबंधी सेवाओं एवं सुविधाओं में सुधार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आगामी 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक “स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार अभियान” का आयोजन किया जाएगा। इस अभियान के सफल, सुचारू एवं प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने हेतु जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में विस्तृत बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस, जीविका ,शिक्षा विभाग एवं पंचायत विभाग सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

अभियान की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
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जिलाधिकारी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं का स्वास्थ्य और पोषण मजबूत परिवार और सशक्त समाज की नींव है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस पखवाड़ा अभियान की रूपरेखा तैयार की गई है।

इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं, किशोरियों एवं माताओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

विशेष रूप से ग्रामीण एवं शहरी झुग्गी-झोपड़ी, मलिन बस्तियों में रहने वाली महिलाओं तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित की जाएगी।

गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को टीकाकरण से शत-प्रतिशत आच्छादित करने पर बल दिया जाएगा।

स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
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अभियान के अंतर्गत जिले भर में व्यापक स्तर पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे।
ये शिविर निम्न स्थानों पर लगाए जाएंगे :

आयुष्मान आरोग्य मंदिर

APHC (अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र)

UPHC (शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र)

UHWC (अर्बन हेल्थ वेलनेस सेंटर)

CHC (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र)

जिला अस्पताल

इन शिविरों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित रहेगी ताकि महिलाओं को समय पर उचित परामर्श और उपचार मिल सके।

महिला स्वास्थ्य जांच पर विशेष फोकस
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अभियान के दौरान महिलाओं एवं किशोरियों के लिए कई प्रकार की स्वास्थ्य जांच की जाएगी, जिसमें—

-उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह की जांच

-मुख कैंसर, स्तन कैंसर एवं गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की जांच

-किशोरियों एवं महिलाओं का एनीमिया जांच एवं परामर्श

-शारीरिक रूप से कमजोर एवं असुरक्षित महिलाओं के लिए यक्ष्मा जांच

-अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श

-मातृ एवं शिशु देखभाल सेवाएँ

-प्रसव पूर्व देखभाल एवं परामर्श

-मातृ एवं शिशु सुरक्षा कार्ड का वितरण

-शून्य से पाँच वर्ष तक के बच्चों के लिए टीकाकरण

-निक्षय मित्र अभियान के अंतर्गत यक्ष्मा रोगियों को गोद लेने तथा उनके उपचार के लिए व्यापक जागरूकता

-रक्तदान शिविर भी आयोजित किए जाएंगे ताकि आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ किया जा सके।

टीकाकरण पर विशेष जोर
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जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि—

-टीकाकरण से वंचित गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर टीका दिया जाए।

-नियमित टीकाकरण दिवस (बुधवार, शुक्रवार एवं अन्य निर्धारित दिन) पूर्ववत संचालित किए जाएंगे।

-शहरी क्षेत्रों की झुग्गी-झोपड़ियों एवं मलिन बस्तियों में रहने वाले लाभार्थियों तक विशेष अभियान के तहत टीकाकरण सेवाएं पहुँचाई जाएं।

-9 से 14 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों को HPV टीका लगवाने हेतु प्रेरित किया जाए। कन्या विद्यालयों से समन्वय स्थापित कर कार्य पूरा करें।

मॉनिटरिंग एवं समन्वय व्यवस्था
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जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को प्रखंडवार नोडल पदाधिकारी नामित करने का निर्देश दिया, ताकि अभियान की नियमित मॉनिटरिंग की जा सके।

आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविका एवं सहायिकाओं को अपने-अपने पंचायत क्षेत्र की महिलाओं को स्वास्थ्य जांच हेतु प्रेरित करने को कहा गया।

आशा कार्यकर्ता, सीडीपीओ एवं महिला पर्यवेक्षिका को इस अभियान की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।

जीविका दीदियों, महिला पंचायत प्रतिनिधियों एवं आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं के सहयोग से महिलाओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

विभागीय समन्वय पर बल
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जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी विभागों का आपसी तालमेल जरूरी है।
उन्होंने निर्देश दिया कि—

सिविल सर्जन, डीपीएम जीविका, डीपीओ आईसीडीएस तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

शिविरों में अधिकाधिक महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो ताकि अभियान अपने वास्तविक उद्देश्य की प्राप्ति कर सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि
“स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार और सशक्त समाज की आधारशिला है। इस अभियान में प्रत्येक अधिकारी, कर्मचारी एवं महिला प्रतिनिधि की महती जिम्मेदारी है कि वे इसे मिशन मोड में चलाएं। कोई भी महिला या बच्चा स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे, यही हमारा संकल्प है।”

उपस्थित अधिकारीगण
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उप विकास आयुक्त श्री श्रेष्ठ अनुपम
सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार
अनुमंडल पदाधिकारी (पश्चिमी) श्रीमती श्रेयाश्री
अनुमंडल पदाधिकारी (पूर्वी) श्री तुषार कुमार
अपर समाहर्ता (विधि-व्यवस्था एवं विभागीय जांच)
जिला भू-अर्जन पदाधिकारी
जिला आपूर्ति पदाधिकारी
तथा कई अन्य वरीय अधिकारी।
इसके अतिरिक्त, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बीपीएम जीविका एवं पंचायत राज पदाधिकारी भी बैठक में जुड़े।