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स्पॉट: बन्दरा में 52 लाइसेंसी खाद दुकान,बाबजूद यूरिया खादों के किसान हैं परेशान

-बन्दरा में 52 लाइसेंसी खाद दुकान,बाबजूद यूरिया खादों के किसान हैं परेशान

बंदरा। दीपक।

प्रखंड क्षेत्र में 52 लाइसेंसी खाद दुकान रहने के बावजूद इलाके के लोग यूरिया खाद के लिए त्राहि-त्राहि कर रहे हैं और महंगे दामों पर मुनाफाखोरों के हाथों यूरिया खाद खरीदने को मजबूर हैं,लिहाजा किसानों में परेशानी के साथ आक्रोश है। हालांकि यह बात भी है कि किसान भले हीं परेशान एवं आक्रोश में है,लेकिन किसी भी मामलों की शिकायत लिखित तौर से प्रशासनिक अधिकारियों के यहां नहीं पहुंच पाने से मुनाफाखोर कारोबारी बच निकल रहे हैं। और ऐसे में अधिकारियों के कार्रवाई से भी ऐसे कारोबारी बच रहे हैं।लेकिन क्षेत्र के गांवों में जो चर्चा है,उसके मुताबिक किसान यूरिया दुगुने तिकोनी दामों पर खरीदने को विवश हैं। इस संबंध में बंदरा में प्रखंड कृषि पदाधिकारी अर्जुन पासवान ने गुरुवार को दावा किया कि प्रखंड क्षेत्र में 52 लाइसेंसी खाद दुकानदार हैं।पर्याप्त मात्रा में किसानों को उचित दामों पर खाद उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जहां कहीं भी ज्यादा मूल्य वसूली या किसी तरह की गड़बड़ियों की शिकायत मिल रही है।उन मामलों पर कार्रवाई की जा रही है। पर्याप्त आवंटन के लिए जिला स्तरीय पदाधिकारी को भी डिमांड भेजी गई है और आवंटन की मांग की गई है,ताकि क्षेत्र में किल्लत नहीं हो सके।

अधिकारी माने, प्रखण्ड के पूर्वी क्षेत्र में है दिक्कत:

उन्होंने माना कि प्रखंड क्षेत्र के पूर्वी हिस्से में यूरिया खाद डिमांड के मुकाबले कम मिलने की शिकायतें है।जिससे किसानों को परेशानी हो रही है। उन्होंने इसका कारण बताया कि प्रखंड में कुल मिलाकर 52 लाइसेंसी खाद दुकानदार हैं, लेकिन प्रखंड के पूर्वी हिस्सों में लाइसेंसी दुकानों की संख्या कम है। जिसके कारण से ससमय डिमांड के मुताबिक खाद किसानों को नहीं मिल पाते हैं। ज्यादा परेशानी की शिकायत पूर्वी क्षेत्र के हत्था एवं मुन्नी-बैंगरी पंचायत क्षेत्र की है। जहां मात्र 2 लाइसेंसी खाद दुकानदार हैं और उनका आवंटन तथा उठाव भी कम है। जिसके कारण से किसानों को डिमांड से कम खाद मिल रहे हैं।