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सीएम नीतीश ने दिवंगत भाजपा नेता सुशील मोदी को दी श्रद्धांजलि

-सीएम नीतीश ने दिवंगत भाजपा नेता सुशील मोदी को दी श्रद्धांजलि

-बिहार में बीजेपी-जदयू की दोस्ती के थे नायक

ब्यूरो।पटना।

बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी का आज 5 जनवरी को 73वीं जयंती है। सुशील मोदी के जयंती समारोह के अवसर पर पटना के श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सीएम नीतीश, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा के साथ मंत्री मंगल पांडे, मंत्री विजय चौधरी जेडीयू नेता छोटू सिंह के सहित भाजपा और जदयू के तमाम नेता उपस्थित थे। सीएम नीतीश ने स्वर्गीय सुशील कुमार मोदी के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
बिहार के राजनीतिक के दिग्गज नेता रहे सुशील कुमार मोदी का आज 75वां जयंती है। उनका जन्म 5 जनवरी 1952 को हुआ था। उन्होंने अपनी राजनीति की शुरुआत एक स्टूडेंट लीडर के रूप में की थी। इसलिए सुशील कुमार मोदी को जेपी आंदोलन की उपज माना जाता है। उन्होंने अपनी छात्र राजनीति की शुरुआत 1971 में की, जब वे पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ की 5 सदस्यीय कैबिनेट के सदस्य चुने गए। 1973 में वे महामंत्री बने, जबकि उस समय लालू प्रसाद यादव अध्यक्ष और रविशंकर प्रसाद संयुक्त सचिव चुने गए थे। सुशील मोदी के राजनीतिक मार्गदर्शक केएन गोविंदाचार्य को माना जाता है, जो भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सिद्धांतकार और संघ विचारक रहे हैं। गोविंदाचार्य ने कहा था कि सुशील मोदी की खासियत उनकी सादगी, मितव्ययिता, और अनुशासन था।


जेपी आंदोलन के प्रभाव में आने के बाद सुशील मोदी ने अपनी पढ़ाई छोड़ दी और आपातकाल के दौरान 19 महीने जेल में रहे। 1977 से 1986 तक वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहे।सुशील मोदी ने 1990 में पटना केन्द्रीय विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़कर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया। उन्होंने 1995 और 2000 में भी इसी सीट से जीत हासिल की। 2004 में वे भागलपुर लोकसभा सीट से सांसद चुने गए।
2005 में उन्होंने लोकसभा से इस्तीफा देकर विधान परिषद के लिए निर्वाचित हुए और उपमुख्यमंत्री बने। उन्होंने 2005 से 2013 और 2017 से 2020 तक बिहार के उपमुख्यमंत्री के रूप में अपनी भूमिका निभाई। इस दौरान उन्होंने पार्टी के विभिन्न दायित्व भी संभाले। दिसंबर 2020 में सुशील मोदी को भाजपा ने राज्यसभा के लिए भेजा, जहां वे पार्टी का प्रतिनिधित्व किए। सुशील मोदी 2024 के लोकसभा चुनाव के पहले ही कैंसर की बीमारी के कारण दुनिया को अलविदा कह दिया। सुशील मोदी का निधन 13 मई 2024 हुआ।