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वैशाली गंडक कैनाल का तटबंध टूटा, खेतों में घुसा पानी; असामाजिक तत्वों पर शक

-वैशाली गंडक कैनाल का तटबंध टूटा, खेतों में घुसा पानी; असामाजिक तत्वों पर शक

मुजफ्फरपुर। जिले के साहेबगंज प्रखंड क्षेत्र स्थित विशुनपुर पट्टी के पास तिरहुत वैशाली गंडक कैनाल का तटबंध टूट जाने से आसपास के गांवों में हड़कंप मच गया। तटबंध टूटते ही नहर का पानी तेज़ी से खेतों और निचले इलाकों की ओर फैलने लगा, जिससे कई एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई। अचानक हुई इस घटना से किसानों और ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, साहेबगंज प्रखंड में वैशाली कैनाल के 48 आरडी के पास लगभग 50 से 60 फीट हिस्से में तटबंध टूट गया। पानी खेतों में फैलने से धान सहित खरीफ फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही जल संसाधन विभाग के अभियंता और कर्मचारी मौके पर पहुंचे तथा स्थिति का जायजा लेकर तटबंध की मरम्मत का कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। विभाग के अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।


स्थानीय ग्रामीण मुनि लाल भगत ने बताया कि इसी स्थान पर पहले भी तटबंध टूट चुका है। उस समय भी किसानों की धान और अन्य खरीफ फसलें बर्बाद हो गई थीं। उन्होंने कहा कि बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग से तटबंध की स्थायी मरम्मत और सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम करने की मांग की है।
इस मामले में जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता मनीष कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में करीब 50 से 60 फीट हिस्से में तटबंध टूटा मिला है। पहली नजर में ऐसा प्रतीत होता है कि तटबंध को असामाजिक तत्वों द्वारा काटा गया हो, क्योंकि नहर में पानी का दबाव अधिक नहीं था और तटबंध पहले से भी क्षतिग्रस्त नहीं था। हालांकि, उन्होंने कहा कि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
तटबंध टूटने की घटना के बाद पूरे इलाके में चिंता का माहौल है। किसान अपनी फसलों को बचाने की कोशिश में जुटे हैं, जबकि विभाग युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य कराकर पानी के बहाव को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहा है।