-जीविका दीदियों का बैग क्लस्टर मॉडल अब झारखंड के रामगढ़ में दिखेगा
मुजफ्फरपुर। जिला प्रशासन और उद्योग विभाग के सहयोग से जीविका की महिलाओं द्वारा संचालित बैग क्लस्टर की सफलता अब पड़ोसी राज्य झारखंड के रामगढ़ जिले में भी देखने को मिलेगी। बैग क्लस्टर की स्थापना और संचालन की प्रक्रिया को समझने के लिए झारखंड सरकार की तीन सदस्यीय टीम दो दिवसीय दौरे पर मुजफ्फरपुर पहुंची है। करीब छह महीने के अंतराल में यह दूसरी बार है, जब रामगढ़ से टीम बैग क्लस्टर का अध्ययन करने पहुंची है।
टीम का नेतृत्व रामगढ़ की जिला कार्यक्रम प्रबंधक रीता सिंह ने किया। उन्होंने बताया कि मुजफ्फरपुर में जीविका दीदियां सरकारी योजनाओं से समन्वय स्थापित कर जिस तरह आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं, उससे प्रेरित होकर रामगढ़ में भी बैग कंपनी और क्लस्टर विकसित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
दौरे के दौरान टीम के सदस्यों ने बैग क्लस्टर में बैग निर्माण, कटिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग समेत उत्पादन से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी ली। इसके बाद टीम ने सदर अस्पताल परिसर स्थित जीविका द्वारा संचालित दीदी की रसोई का निरीक्षण किया। टीम के सदस्यों ने मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही भोजन सेवा और कैंटीन व्यवस्था की जानकारी ली तथा दीदियों द्वारा तैयार भोजन का स्वाद भी चखा।

टीम ने अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए संचालित जीविका हेल्थ हेल्प डेस्क का भी जायजा लिया और वहां कार्यरत जीविका दीदी से मरीजों को दी जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
टीम के सदस्य ऋषि राज और अजय कुमार ने कहा कि जीविका द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य किया जा रहा है। इसी तर्ज पर झारखंड में भी पहल शुरू की जा रही है, ताकि अधिक से अधिक आजीविका दीदियों को सरकारी योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
इस दौरान जीविका डीपीएम अनीशा ने टीम के सदस्यों का स्वागत किया और मुजफ्फरपुर जिले में जीविका की ओर से संचालित प्रमुख गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के नेतृत्व में जीविका लगातार बेहतर कार्य कर रही है। सरकारी योजनाओं के समन्वय में उप विकास आयुक्त और डीआरडीए निदेशक का मार्गदर्शन एवं सहयोग मिलता रहा है, जिससे जीविका से जुड़ी महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से आगे बढ़ रही हैं।
मौके पर रोशन कुमार, आनंद कुमार और सोनी कुमारी सहित अन्य कर्मी मौजूद रहे।











