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विश्व दर्शन दिवस पर महंत दर्शन दास महिला महाविद्यालय में सेमिनार का आयोजन

-विश्व दर्शन दिवस पर महंत दर्शन दास महिला महाविद्यालय में सेमिनार का आयोजन

20 नवम्बर 2025 — विश्व दर्शन दिवस के अवसर पर महंत दर्शन दास महिला महाविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग द्वारा एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. (डॉ.) अल्का जायसवाल ने की। उन्होंने दर्शन की समकालीन प्रासंगिकता और इसके व्यावहारिक स्वरूप पर अपने विचार व्यक्त किए।

सेमिनार के मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) श्यामल किशोर, प्राचार्य रामेश्वर महाविद्यालय ने जीवन, समाज और विभिन्न विषयों में दर्शन के योगदान पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि मनुष्य को मनुष्य बनाए रखने में दर्शन की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है। आज के समय में व्यावहारिक दर्शन और व्यावहारिक नीतिशास्त्र का विकास इसे और अधिक आवश्यक बनाता है। उन्होंने यह भी कहा कि ज्ञान को समावेशी और टिकाऊ होना चाहिए। भारतीय और पाश्चात्य दर्शन परंपराओं के अंतर पर भी उन्होंने प्रकाश डाला।

दर्शनशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्षा प्रो. (डॉ.) किरण झा ने अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ, स्मृति चिन्ह और शॉल भेंट कर किया। उन्होंने विश्व दर्शन दिवस मनाने के उद्देश्य और इसकी शुरुआत पर जानकारी प्रस्तुत की।

कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. नेहा रानी ने किया। उन्होंने कहा कि समावेशी और टिकाऊ भविष्य कोई दूर का लक्ष्य नहीं, बल्कि निरंतर प्रयासों से संभव है। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुरबाला वर्मा ने किया।

इस अवसर पर एस. आर. पी. एस. कॉलेज जैतापुर की दर्शनशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ. रूपम कुमारी सहित महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें प्रो. विनीता झा, प्रो. सरोज, डॉ. स्वस्ति, डॉ. निशि कांति, डॉ. नील रेखा, डॉ. आशा, डॉ. नूतन, डॉ. सदफ, डॉ. रिंकू, डॉ. शगुफ्ता नाज़, डॉ. प्रियम फ्रांसिस, डॉ. आभा, डॉ. मधुसूदन, डॉ. सरिता, डॉ. अनुराधा, डॉ. कुमारी आभा, डॉ. सजीव, डॉ. अर्चना और डॉ. रामदुलार शामिल रहे।

सेमिनार सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और प्रतिभागियों ने दर्शन की प्रासंगिकता पर गहन विचार-विमर्श किया।