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विधानसभा चुनाव एवं छठ व्रत को लेकर डीएम ने की बैठक

-विधानसभा चुनाव एवं छठ व्रत को लेकर डीएम ने की बैठक

मुजफ्फरपुर। दीपक।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 तथा आगामी छठ व्रत के सफल एवं सुचारु संपादन हेतु अधिकारियों के साथ समाहरणालय सभागार में बैठक की गई।

जिलाधिकारी ने सभी निर्वाची एवं सहायक निर्वाची पदाधिकारी को चुनाव से संबंधी प्रत्येक चरण की सूक्ष्मता से विंदुवार जानकारी रखने तथा पूरी सावधानी के साथ आवश्यक एहतियाती उपायों का पालन करने का निर्देश दिया। इसके लिए सभी निर्वाची पदाधिकारी को चेकलिस्ट के अनुरूप बिंदुवार कार्य संपन्न करने तथा आयोग के दिशा निर्देश का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने सभी आरओ को विधानसभा बीएलओ के साथ बैठक करने तथा शत प्रतिशत वोटर स्लिप वितरित कराने को कहा। सभी मतदान केंद्रों पर AMF की उपलब्धता सुनिश्चित रखने हेतु सभी बीएलओ/ सेक्टर को एक्टिव रखने को कहा। इस चुनाव में सभी बुथों पर वेबकास्टिंग की जाएगी। इसके लिए विद्युत व्यवस्था तथा सॉकेट की समुचित व्यवस्था रखने का निर्देश दिया ताकि निर्वाध बेवकास्टिंग हो सके।

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और निगरानी योग्य बनाने के लिए सभी मतदान केंद्रों (Booths) पर लाइव वेबकास्टिंग की व्यवस्था की जा रही है। इसके अनेक महत्वपूर्ण फायदे हैं, जो नीचे विस्तार से दिए गए हैं —

1. पारदर्शिता और विश्वसनीयता में वृद्धि
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लाइव वेबकास्टिंग से मतदान की पूरी प्रक्रिया—मतदान शुरू होने से लेकर समाप्ति तक—रीयल टाइम में रिकॉर्ड और मॉनिटर की जा सकती है।
इससे जनता और राजनीतिक दलों को यह भरोसा होता है कि मतदान पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो रहा है।

2. अनुचित गतिविधियों पर नियंत्रण
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किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, दबाव, धांधली या हिंसक गतिविधि तुरंत कैमरे में कैद हो जाती है।
निगरानी टीम तुरंत कार्रवाई कर सकती है, जिससे अनुचित प्रभाव या मतदाता को डराने-धमकाने जैसी घटनाओं पर रोक लगती है।

3. नियंत्रण कक्ष के लिए रीयल-टाइम निगरानी
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भारत निर्वाचन आयोग, से लेकर सामान्य प्रेक्षक, पुलिस प्रेक्षक, तथा जिला नियंत्रण कक्ष वेबकास्टिंग के माध्यम से रीयल टाइम में निगरानी कर सकते हैं।
इससे उन्हें स्थल पर जाए बिना ही किसी भी अनियमितता पर त्वरित हस्तक्षेप करने की सुविधा मिलती है।

4. प्रशासनिक एवं सुरक्षा नियंत्रण में सुविधा
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लाइव फीड से यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि
मतदान कर्मी अपने दायित्व का सही ढंग से पालन कर रहे हैं।

सुरक्षा बल बूथ के भीतर व आसपास सतर्क हैं।

मतदान केंद्र पर शांति और अनुशासन बना हुआ है।

5. साक्ष्य के रूप में उपयोग
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लाइव रिकॉर्डिंग भविष्य में कानूनी या प्रशासनिक साक्ष्य के रूप में प्रयोग की जा सकती है।
यदि किसी बूथ पर विवाद या शिकायत आती है तो वेबकास्ट की फुटेज से सच्चाई तुरंत स्पष्ट हो सकती है।

6. मतदाताओं का विश्वास बढ़ना
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जब मतदाता यह जानते हैं कि मतदान केंद्र की गतिविधियों की लाइव रिकॉर्डिंग हो रही है, तो उनका भरोसा बढ़ता है और वे निर्भय होकर मतदान करने आते हैं।

7. तकनीकी आधुनिकीकरण और ई-गवर्नेंस को बढ़ावा
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लाइव वेबकास्टिंग चुनाव प्रबंधन में डिजिटल तकनीक के उपयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिससे निर्वाचन प्रक्रिया अधिक स्मार्ट, तेज और विश्वसनीय बनती है।

इस प्रकार लाइव वेबकास्टिंग विधानसभा चुनाव 2025 में निष्पक्षता, पारदर्शिता, निगरानी और विश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण तकनीकी कदम है। इससे निर्वाचन आयोग का लक्ष्य — स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव — और अधिक प्रभावी ढंग से पूरा होता है।

बैठक में जिलाधिकारी ने लोक आस्था का महापर्व छठ व्रत के सफल सुचारू रूप से संपादन सुनिश्चित करने के निमित्त अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया ‌ उन्होंने कहा कि सभी कार्यपालक पदाधिकारी पवित्रता एवं स्वच्छता के इस महान पर्व के अवसर पर साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें। छठ व्रतियों को कोई परेशानी ना हो।

इसके अतिरिक्त अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन को नदियों एवं तालाबों में नाव गोताखोर तथा एसडीआरएफ की टीम की तैनाती करने का निर्देश दिया ताकि कोई अप्रिय घटना ना हो। नदियों और तालाबों में बैरिकेडिंग करने तथा उसके बाहर कोई श्रद्धालु भक्त गहरे पानी में नहीं जाएं, इसका विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया। पर्व के अवसर पर बिजली विभाग स्वास्थ्य विभाग की टीम को सक्रिय एवं तत्पर रहकर कार्य करने का निर्देश दिया।
उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को ग्रामीण क्षेत्र के नदी और तालाबों का स्वयं भ्रमण करने एवं छठ व्रतियों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।