चंपारण की खबर::
-विधवा नीरा देवी हत्याकांड में फोरेंसिक टीम ने की जांच, एसडीपीओ ने दिया न्याय का भरोसा
– बेडरूम से मृतिका का स्मार्ट मोबाइल व चार्जर बरामद
मोतिहारी/ राजन द्विवेदी।
जिले के संग्रामपुर थाना क्षेत्र स्थित बिरता मठिया गांव के भोला बाबा मठ व एक ईंट भट्ठा के समीप पति स्व. विजय गिरि की विधवा पत्नी 40 वर्षीय नीरा देवी की शनिवार की रात्रि तेज धारदार हथियार से गला रेत कर हुई हत्या को लेकर थानाध्यक्ष धीरज कुमार सिंह के नेतृत्व में आज मुजफ्फरपुर से आयी तीन सदस्यीय फोरेंसिक जांच टीम ने उसके घर व अगल से कई नमूनों को इकट्ठा कर जांच के लिए ले गई। इस दौरान टीम के सदस्यो ने थानाध्यक्ष को कई बिंदुओं पर जांच करने लिए भी कहा। इस दौरान टीम को हत्यारों के खिलाफ कई अहम साक्ष्य मिलने की उम्मीद जताई गई है। हालांकि टीम के सदस्यों ने साक्ष्य के बावत कुछ भी बताने से परहेज किया। लेकिन टीम ने सूक्ष्मता से जांच करते हुए यह देखा कि टीम के सदस्य और पुलिस को कोई अहम सुराग जरूर मिली। जिसके कारण टीम के सदस्य व पुलिस संतुष्ट दिखी। इधर इस गांव में अब तक कि यह पहली घटना हैं को लेकर ग्रामीण व उसके स्वजन एसडीपीओ रंजन कुमार के करवाई के प्रति भरोसा जताते हुए बोल रहे हैं कि जिस तरह घटना के दिन से स्वयं एसडीपीओ इस मामले के मोनिटरिंग में जुटे हैं घटना से जुड़े लोग नहीं बच पाएंगे। स्थानीय स्तर पर भी लोग दबी जुबान से बोल रहे हैं कि आखिर उस महिला से किसकी इतनी दुश्मनी बढ़ गयी थी कि उसकी इस तरह निर्मम हत्या कर दी गयी। घटना को लेकर पुलिस भी कई लोगो के भूमिकाओं की सूक्ष्मता से जांच में जुटी हुई हैं ताकि समय रहते इसका उद्भेदन कर शामिल लोगों को सजा दिलाई जाए। हालांकि मृतिका के सौतेले बेटे का पुलिस आने का इंतजार रही हैं अभी तक इस मामले में पुलिस को किसी ने कोई आवेंदन नही दिया हैं। एक बात की चर्चा जरूर सुनी जा रही हैं कि पति के मौत के बाद महिला अकेले घर में रहा करती थी और कुछ अनहोनी के डर से हमेशा घर के मुख्य गेट पर ताला लगाकर पिछले दरवाजे से ही आना जाना करती थी।पुलिस के द्वारा हो रही जांच के कइयों के चेहरे पर हवाइयां उड़ती भी दिख रही हैं।लेकिन हत्या का मामला होने के चलते कोई भी ग्रामीण अपना मुंह खोलने को तैयार नहीं हैं ताकि पुलिस को कुछ सहयोग मिले।

मृतिका जीवकोपार्जन के लिए बकरी पालन के साथ कुरकुरे वगरैह भी कभी कभार बेचा करती थी। बकरी पालन के साथ कुरकुरे बेच कर अपना जीवकोपार्जन का साधन बनाया था।वर्तमान में उसके पास लगभग एक दर्जन बकरी होने की बात बताई गई हैं।खैर।घटना में संलिप्त लोग पकड़े जायेगे या नहीं यह तो समय बताएगा। फिलवक्त सभी की नजरे पुलिस की करवाई पर टिकी हैं।















