-रिक्शा चालक के पोते ने रचा इतिहास: NEET UG 2026 में हासिल की ऑल इंडिया 946वीं रैंक
-मुजफ्फरपुर का बढ़ाया मान
मुजफ्फरपुर। कठिन परिस्थितियां और आर्थिक अभाव अगर किसी के सपनों के रास्ते में आते भी हैं, तो दृढ़ संकल्प और मेहनत उन्हें पार कर सकती है। इसका जीवंत उदाहरण मुजफ्फरपुर जिले के रतनौली गांव के आदित्य राज हैं, जिन्होंने NEET UG 2026 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 946 और OBC श्रेणी में 295वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार, समाज और पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है।
आदित्य राज का जन्म 24 नवंबर 2007 को मुजफ्फरपुर के रतनौली गांव में हुआ। उस समय परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। उनके दादा सौखी सहनी ने करीब 38 वर्षों तक पटना में रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण किया। आज उसी संघर्ष की नींव पर खड़े होकर उनके पोते ने सफलता का नया इतिहास लिख दिया।
आदित्य की प्रारंभिक शिक्षा गांव के प्राथमिक विद्यालय रतनौली से हुई। इसके बाद उन्होंने उत्क्रमित मध्य विद्यालय से कक्षा 6 से 10 तक की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 2023 में बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा में उन्होंने 91 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

मैट्रिक के बाद उन्होंने मुजफ्फरपुर के आरडीएस कॉलेज में इंटर में नामांकन लिया। साथ ही मिठनपुरा स्थित आकाश कोचिंग सेंटर से NEET की तैयारी शुरू की। पहले प्रयास में सफलता नहीं मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और दूसरे प्रयास में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया 946वीं रैंक हासिल कर ली।
आदित्य ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे रोज़ाना करीब 15 किलोमीटर साइकिल चलाकर कोचिंग पहुंचते थे। कोचिंग खत्म होने के बाद भी देर तक वहीं बैठकर अतिरिक्त पढ़ाई करते और घर लौटकर प्रतिदिन 4 से 5 घंटे स्वाध्याय करते थे। उनकी यही निरंतर मेहनत और अनुशासन आज सफलता में बदल गया।
आदित्य की उपलब्धि उन हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। रिक्शा चालक के पोते की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।












