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राज्य के युवाओं का हक मार रही सरकार : सत्येन्द्र मिश्रा

चंपारण की खबर::

-राज्य के युवाओं का हक मार रही सरकार : सत्येन्द्र मिश्रा
– कहा कि शिक्षक अभ्यर्थियों के समर्थन में आई माकपा, लड़ेगी लड़ाई

मोतिहारी / राजन द्विवेदी।

शिक्षक बहाली प्रक्रिया में सरकार के गलत नीति और और उसपर सरकार के मुख्य सचिव के बयान के खिलाफ भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी ने ऐतराज जताया है। इस संबंध में पार्टी के जिला सचिव सत्येंद्र कुमार मिश्रा ने शिक्षक बहाली पर मुख्य सचिव के बयान की आलोचना करते हुए कहा है कि अखबारों में शिक्षक भर्ती से संबंधित मुख्य सचिव का बयान नौजवानों एवं शिक्षक भर्ती से संबंधित आंदोलन में आग में घी डालने जैसा हैं। पार्टी राज्य कमिटी ने शिक्षा मंत्री द्वारा डोमिसाइल की वापसी के बयान की आलोचना करते हुए उस वक्त भी आग्रह किया था कि यह बयान न तो उचित है ना ही तर्कसंगत।शुरू में तर्क यह दिया गया कि दो विषयों में उचित अभ्यर्थी नहीं मिलने के कारण यह फैसला लिया गया है। जबकि ऐसा नही है कि बिहार में उन विषयों के छात्र नहीं हैं।

शिक्षा मंत्री का यह कहना उनकी अपनी ही शिक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाता है। मुख्य सचिव का तर्क है कि नौकरी में सिर्फ बिहार के नौजवानों को ही मौका देना असंवैधानिक है। साथ ही उनका यह भी कहना कि बिहार के बाहर के लोगों को आरक्षण नहीं दिया जायेगा। यह अपने आप में विरोधाभासी है। क्या मुख्य सचिव बतायेंगे कि आरक्षण संवैधानिक है या असंवैधानिक ?इस तरह के तर्क से पार्टी सहमत नहीं है। पार्टी सरकार से पूरजोर मांग करती है कि शिक्षक बहाली में बहानेबाजी बिहार शिक्षक बहाली के नियमों में हठधर्मिता छोड़ राज्य के युवाओं को ही मौका दे। इससे राज्य के युवाओं की प्रतिभा का राज्य को फायदा मिलेगा। पार्टी पूरी तरह शिक्षकों के साथ खड़ी है। पार्टी सरकार से मांग करती है कि अभी तक जो शिक्षक काम कर रहे हैं बिना परीक्षा लिए उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाय। यहां बता दें कि बिहार में माकपा सरकार की एक मजबूत सहयोगी है।