-राज्यसभा चुनाव को लेकर बिहार की सियासत गरम, पाँचवीं सीट पर NDA-महागठबंधन में कड़ा मुकाबला
पटना।ब्यूरो। बिहार में राज्यसभा की पाँच सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। चार सीटों का गणित लगभग साफ माना जा रहा है, लेकिन असली मुकाबला पाँचवीं सीट को लेकर है। इसी वजह से सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही खेमों में रणनीति, बैठकों और राजनीतिक जोड़-तोड़ का दौर तेज हो गया है।
एक ओर एनडीए पाँचों सीटों पर जीत का दावा कर रहा है, तो दूसरी ओर महागठबंधन भी पाँचवीं सीट जीतने के लिए पूरी ताकत लगा रहा है। राज्यसभा चुनाव से पहले महागठबंधन की ओर से लगातार बैठकों का दौर जारी है।
इसी कड़ी में आरजेडी नेता Tejashwi Yadav ने अहम बैठक बुलाई है। महागठबंधन ने राज्यसभा चुनाव के लिए ए.डी. सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है, लेकिन उन्हें जीत दिलाने के लिए गठबंधन के पास अभी भी करीब छह विधायकों की कमी बताई जा रही है। यही कारण है कि तेजस्वी यादव लगातार राजनीतिक समीकरण साधने में जुटे हुए हैं।
इस बीच पटना में Akhtarul Iman के आवास पर भी सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। उनके घर दावते-ए-इफ्तार की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। खास बात यह है कि पोस्टरों में Tejashwi Yadav की तस्वीर भी नजर आ रही है। 15 मार्च को आयोजित इस इफ्तार पार्टी में तेजस्वी यादव के शामिल होने की चर्चा है, हालांकि Asaduddin Owaisi के इसमें शामिल होने की संभावना कम बताई जा रही है।

राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen राज्यसभा चुनाव में आरजेडी उम्मीदवार ए.डी. सिंह को समर्थन दे सकती है। यदि ऐसा होता है तो पाँचवीं सीट का समीकरण पूरी तरह बदल सकता है।
उधर वीर चंद्र पटेल पथ स्थित एमएलए फ्लैट परिसर में Upendra Kushwaha की अगुवाई में एनडीए विधायक दल की बैठक हुई। बैठक में उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary, सांसद Sanjay Jha, Sanjay Jaiswal सहित कई मंत्री और विधायक मौजूद रहे। बैठक के बाद नेताओं ने दावा किया कि एनडीए पाँचों सीटों पर जीत दर्ज करेगा।
मीडिया से बातचीत में मंत्री Sanjay Singh और Shravan Kumar ने कहा कि एआईएमआईएम को तोड़ने का काम पहले तेजस्वी यादव ने किया था, इसलिए अब पार्टी अपना पुराना सियासी हिसाब चुकता कर सकती है। वहीं जदयू नेता Neeraj Kumar ने कहा कि एनडीए को अपनी जीत पर पूरा भरोसा है और “जीत हमारी आदत में है।”
राज्यसभा की पाँचवीं सीट को लेकर जारी यह सियासी जंग आने वाले दिनों में और दिलचस्प होती दिख रही है। अब सभी की नजर विधायकों के समर्थन और अंतिम वोटिंग समीकरण पर टिकी हुई है।












