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राजापाकर में हिरासत में मौत का मामला: मरहूम नासिर शाह को सुपुर्द-ए-ख़ाक, गाँव में दहशत का माहौल

-राजापाकर में हिरासत में मौत का मामला: मरहूम नासिर शाह को सुपुर्द-ए-ख़ाक, गाँव में दहशत का माहौल

राजापाकर/संजय श्रीवास्तव।

आइसक्रीम विवाद से उपजे बवाल का असर अब तक जारी है। बीते शुक्रवार को चौसीमा कल्याणपुर ग्राम में पुलिस हिरासत में लिए गए नासिर शाह की संदिग्ध मौत के बाद आज सुबह गांव के कब्रगाह में मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार उनका दफ़न किया गया। दफ़नाने के समय परिजनों के साथ सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।

ग्रामीणों का कहना है कि नासिर शाह की मौत बीमारी से नहीं, बल्कि पुलिस की पिटाई से हुई है। परिजनों और मुस्लिम समाज के लोगों ने एक स्वर से पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए और साक्ष्य छुपाने की कोशिश का आरोप भी लगाया। उनका कहना है कि पुलिस ने नासिर शाह को बीमार बताकर सदर अस्पताल में भर्ती दिखाया और डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित कर दिया गया, जबकि सच्चाई कुछ और है। ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक वैशाली से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

घटना के बाद चौसीमा कल्याणपुर ग्राम में दहशत का माहौल कायम है। कई घरों में ताले लटके मिले, वहीं कई परिवार गांव छोड़कर अन्यत्र चले गए।

लोगों को आशंका है कि पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर किसी भी समय गिरफ्तारी हो सकती है। बताया गया है कि राजापाकर थाना अध्यक्ष ने 61 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

घटनास्थल पर जिले से पहुंचे अतिरिक्त सुरक्षा बलों को अब वापस भेज दिया गया है, लेकिन राजापाकर थाने की पुलिस गाँव में कैंप कर रही है। उल्लेखनीय है कि बीते शुक्रवार को मोहम्मद साहब की जयंती के अवसर पर आइसक्रीम के पैसे को लेकर हुए विवाद ने बड़ा रूप ले लिया था। उस रात करीब 9 बजे 112 डायल टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया था और उनकी गाड़ी क्षतिग्रस्त कर दी थी। इसके बाद राजापाकर और महुआ थाने की पुलिस मौके पर पहुँची, लेकिन उन पर भी हमला हुआ, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।

इस बीच, नासिर शाह के घर मातम पसरा हुआ है। शादी का उत्सव मातम में बदल गया है, और परिजन व रिश्तेदार गहरे सदमे में हैं। गांव और आसपास के इलाकों में इस घटना की चर्चा जोरों पर है। लोग मान रहे हैं कि मामूली विवाद ने इतना बड़ा रूप ले लिया जिसकी कल्पना तक नहीं की गई थी।