-मैथिली भाषा के साथ सरकार कर रही है भेदभाव -माधव नेपाल
जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर।
मैथिली भाषा के साथ नेपाल सरकार भेदभाव कर रही है। नेपाल में दुसरी से सबसे अधिक बोलने वाली भाषा मैथिली है लेकिन केन्द्र सरकार राजतंत्र समय से ही इस भाषा के साथ भेदभाव कर रही है। उपयुक्त बातें नेकपा समाजवादी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा पूर्व प्रधान मंत्री माधव नेपाल ने गुरुवार को जनकपुरधाम में मैथिली विकास कोष द्वारा आयोजित पांच दिवसीय साहित्य, कला तथा अन्तर्राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव के उद्घाटन समारोह में प्रमुख अतिथि पद से बोलते हुए कही। आगे उन्होंने कहा कि मैथिली को राजकीय भाषा बनाने तथा मैथिली का समृद्ध बनाने के लिए मेरी पार्टी कटिबद्ध है। इसके विकास के लिए सरकार के पास प्रस्ताव रखी जाएगी।

विशिष्ट अतिथि पद से वोलते हुए पूर्व उप प्रधानमंत्री तथा जनता समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने कहा कि मैथिली को नेपाली की तरह मान्यता मिले इसके लिए जसपा शुरू से प्रयास कर रही है। मधेश प्रदेश सरकार मैथिली को काम काज की भाषा के लिए काम कर रही है
इसके लिए मैथिली प्राज्ञ प्रतिष्ठान का भी गठन किया गया। जीवनाथ चौधरी की अध्यक्षता में शुरू उद्घाटन समारोह से पूर्व मैथिली परिधान में,ढोल पिपही बाजे के साथ निकली झांकी में बड़ी संख्या में लोगो की सहभागिता थीं। उद्घाटन समारोह में थारु, तमांग, मुस्लिम नृत्य, झिझिया नृत्य तथा दरभंगा से आए कलाकारों द्वारा देवी शक्ति पर आधारित शास्त्रीय नृत्य दर्शकों का मन मोह लिया। उद्घाटन समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री लाल बाबू राउत, नेपाली कांग्रेस के सह महामंत्री महेंद्र यादव, नेकपा एमाले के सचिव योगेश भट्टराई, मधेश प्रदेश के वित्त मंत्री संजय कुमार यादव, उद्योग, पर्यटन मंत्री सुनीता यादव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।मंच संचालन मैथिली विकास कोष के सचिव श्याम सुंदर शशि ने किया।











