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मुजफ्फरपुर में 77वें गणतंत्र दिवस को लेकर फुल ड्रेस रिहर्सल, डीएम–एसएसपी ने लिया तैयारियों का जायज़ा

-मुजफ्फरपुर में 77वें गणतंत्र दिवस को लेकर फुल ड्रेस रिहर्सल, डीएम–एसएसपी ने लिया तैयारियों का जायज़ा

मुजफ्फरपुर। दीपक कुमार तिवारी।

देश 26 जनवरी को 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और राष्ट्रभक्ति के साथ मनाने की तैयारी में जुटा है। इसी क्रम में मुजफ्फरपुर जिला भी तिरंगे के सम्मान और लोकतांत्रिक गरिमा के अनुरूप आयोजन को लेकर पूरी तरह तैयार नजर आ रहा है। इस बार प्रशासन और पुलिस का फोकस सुरक्षा, अनुशासन और कार्यक्रम की गरिमा पर विशेष रूप से केंद्रित है।
गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह को लेकर सोमवार को परेड ग्राउंड में फुल ड्रेस रिहर्सल का आयोजन किया गया। रिहर्सल का निरीक्षण जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन और वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने संयुक्त रूप से किया। परेड ग्राउंड में कदमताल की गूंज के बीच डीएम और एसएसपी ने हर व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
रिहर्सल के दौरान विभिन्न टुकड़ियों द्वारा परेड का प्रदर्शन किया गया, जिसमें अनुशासन, तालमेल और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया गया। डीएम और एसएसपी ने परेड की सलामी ली तथा उसकी गुणवत्ता और अनुशासन का मूल्यांकन किया।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ एक औपचारिक रिहर्सल नहीं, बल्कि 26 जनवरी को कार्यक्रम को त्रुटिरहित बनाने के लिए प्रशासनिक तैयारियों की परीक्षा है।
जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने कार्यक्रम स्थल की साफ-सफाई, दर्शक दीर्घा में बैठने की समुचित व्यवस्था, आम लोगों की सुविधा और ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। वहीं, वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने को कहा। उन्होंने भीड़ नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी तुषार कुमार, ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर, सिटी एसपी, सभी डीएसपी समेत जिला प्रशासन और पुलिस के कई वरीय अधिकारी उपस्थित रहे। सभी को उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराते हुए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया गया।
मुजफ्फरपुर में 77वें गणतंत्र दिवस को लेकर प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह सक्रिय नजर आ रही है। प्रशासन का मानना है कि यह दिन केवल उत्सव का नहीं, बल्कि लोकतंत्र की मजबूती और संविधान के सम्मान का प्रतीक है, जिसे यादगार बनाने के लिए हर स्तर पर सतर्कता और अनुशासन सुनिश्चित किया जा रहा है।