-मुजफ्फरपुर में शराब माफियाओं पर डबल अटैक: लग्ज़री कार के तहखाने से खेप बरामद, पुलिया के नीचे छुपा ‘स्टॉक’ भी पकड़ा गया
मुजफ्फरपुर:शराबबंदी के बावजूद मुजफ्फरपुर में अवैध शराब का गोरखधंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालांकि इस बार उत्पाद विभाग ने ताबड़तोड़ कार्रवाई कर तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। मुखबिर की सटीक सूचना पर की गई दो अलग-अलग छापेमारी में जहां एक ओर लग्ज़री कार के गुप्त तहखाने से शराब की बड़ी खेप बरामद हुई, वहीं दूसरी ओर गांव की पुलिया के नीचे छुपाकर रखी गई भारी मात्रा में विदेशी शराब भी जब्त की गई।
मिली जानकारी के अनुसार, उत्पाद विभाग के इंस्पेक्टर दीपक कुमार सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि उत्तर प्रदेश से एक आलीशान गाड़ी में विशेष तरीके से शराब की तस्करी कर मुजफ्फरपुर लाई जा रही है। सूचना मिलते ही टीम ने सरैया थाना क्षेत्र के रेवा पुल के पास जाल बिछाया। करीब चार घंटे तक घात लगाने के बाद संदिग्ध वाहन को रोककर जांच की गई।
तलाशी के दौरान अधिकारियों के भी होश उड़ गए। गाड़ी के फर्श में बेहद चालाकी से बनाया गया तहखाना मिला, जिसमें ड्राइवर सीट से लेकर डिक्की तक शराब की पेटियां छुपाई गई थीं। मौके पर ही दो तस्कर—आदित्य कुमार और कृष्णा यादव—को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपी देवरिया (उत्तर प्रदेश) के निवासी बताए जा रहे हैं। फिलहाल उनसे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की कोशिश की जा रही है।

इधर, दूसरी कार्रवाई में कांटी थाना क्षेत्र के डेहमा गांव में छापेमारी कर पुलिया के नीचे छुपाकर रखी गई 112 कार्टन विदेशी शराब बरामद की गई। आशंका जताई जा रही है कि इस खेप को रात के अंधेरे में ट्रक से उतारकर सुरक्षित स्थान पर रखा गया था, ताकि बाद में इसे खपाया जा सके।
इंस्पेक्टर दीपक कुमार सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर विशेष टीमों का गठन कर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शराब तस्करों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
इस दोहरी कार्रवाई के बाद जिले में शराब तस्करों के बीच हड़कंप मच गया है। हालांकि बड़ा सवाल अब भी कायम है—आखिर कब थमेगा यह अवैध कारोबार?










