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उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राजापाकर में शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी आयोजित, बिहार की गौरवशाली परंपराओं पर हुई चर्चा

-उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राजापाकर में शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी आयोजित, बिहार की गौरवशाली परंपराओं पर हुई चर्चा

राजापाकर-संजय श्रीवास्तव। वैशाली जिले के राजापाकर प्रखंड स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राजापाकर में शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का मुख्य विषय ‘बिहार की गौरवशाली परंपराएं’ रखा गया। इस दौरान शिक्षकों एवं अभिभावकों ने बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहर, लोक परंपराओं तथा शिक्षा के क्षेत्र में राज्य के योगदान पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक बिंदेश्वर प्रसाद सिंह ने की, जबकि संचालन वरिष्ठ शिक्षक अमरेश कुमार ने किया। संगोष्ठी का उद्देश्य विद्यार्थियों को बिहार के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराना तथा उनमें अपनी मातृभूमि के प्रति सम्मान और गौरव की भावना विकसित करना था।
संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि बिहार प्राचीन काल से ही ज्ञान, शिक्षा, संस्कृति और सभ्यता का प्रमुख केंद्र रहा है। नालंदा एवं विक्रमशिला जैसे प्राचीन विश्वविद्यालयों ने विश्वभर में भारतीय शिक्षा व्यवस्था की पहचान स्थापित की थी।

इतिहास विषय के शिक्षक राकेश कुमार झा ने बिहार की महान विभूतियों, ऐतिहासिक स्थलों, लोकगीतों, लोककलाओं, पर्व-त्योहारों और पारंपरिक रीति-रिवाजों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना समय की आवश्यकता है, जिसमें विद्यालयों के साथ-साथ अभिभावकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।
शिक्षकों ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को पढ़ाई के साथ नैतिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारियों और अपनी संस्कृति के संरक्षण के प्रति भी जागरूक करें। वहीं, अभिभावकों ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय और परिवार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया।
संगोष्ठी में इस बात पर सहमति बनी कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में अपनी परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ती है और उनके व्यक्तित्व का समुचित विकास होता है। कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षकों एवं अभिभावकों के बीच संवाद मजबूत करने तथा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सामूहिक प्रयास करने का संदेश दिया गया।
इस मौके पर अभिभावक शिवनाथ सिंह, राम अवतार साह, चन्नु राय, शिवाजी राय एवं शिवकुमार सिंह, संतोष वर्मा सहित शिक्षक-शिक्षिकाओं में रविंद्र कुमार रवि, राजकुमार रवि, कुमारी पल्लवी, पुष्पा कुमारी, रश्मि रंजन, निधि सिन्हा तथा दर्जनों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।