-मुजफ्फरपुर में तिरहुत मुख्य नहर का पुनर्स्थापन कार्य तेज़ी से प्रगति पर, 8 प्रखंडों के किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
✍🏻 पटना। संवाददाता।
राज्य सरकार सिंचाई सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुजफ्फरपुर जिले के अंतर्गत तिरहुत मुख्य नहर की पुनर्स्थापना और लाइनिंग कार्य को युद्धस्तर पर अंजाम दे रही है। जल संसाधन विभाग की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य किसानों को खरीफ एवं रबी फसलों के लिए निर्बाध जल आपूर्ति उपलब्ध कराना है, ताकि कृषि उत्पादन पर मौसम की अनिश्चितता का असर न पड़े।
🚜 214 से 252 किमी तक कार्य प्रगति व पूर्णता की ओर
तिरहुत मुख्य नहर के विभिन्न खंडों में पुनर्स्थापन, लाइनिंग और संरचनात्मक सुदृढ़ीकरण का कार्य तीव्र गति से जारी है।
वि.दू. 704.35 (214.68 किमी) से वि.दू. 732.00 (223.11 किमी)
वि.दू. 732.00 (223.11 किमी) से वि.दू. 790.00 (240.85 किमी)
तक कार्य प्रगति पर है और इसे निर्धारित समय-सीमा से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
वहीं,
वि.दू. 790.00 (240.85 किमी) से वि.दू. 806.40 (245.85 किमी)
वि.दू. 806.40 (245.85 किमी) से वि.दू. 827.70 (252.34 किमी)
तक का निर्माण और लाइनिंग कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है।

🌾 8 प्रखंडों के किसान होंगे लाभान्वित
इस परियोजना से मोतीपुर, साहेबगंज, मरवन, कांटी, मुरौल, मुशहरी, कुढ़नी और सकरा प्रखंडों के हजारों किसान सीधे लाभान्वित होंगे। नहरों की जल वहन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने से खेतों तक पानी की पहुंच सुनिश्चित होगी। इससे
समय पर बुवाई,
समुचित सिंचाई,
और कृषि लागत में कमी
जैसे फायदों की उम्मीद है, जिससे क्षेत्र में कृषि आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है।
🛠️ सिंचाई व्यवस्था को आधुनिक रूप देने की दिशा में प्रयास
जल संसाधन विभाग का यह प्रयास राज्य की पारंपरिक सिंचाई व्यवस्था को आधुनिक और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक प्रभावी पहल है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना स्थानीय जल स्रोतों पर निर्भरता कम कर एक स्थायी सिंचाई तंत्र को मजबूती प्रदान करेगी।
> “हमारा प्रयास है कि हर खेत तक समय पर पानी पहुंचे और कोई भी किसान सिंचाई के अभाव में पिछड़ न जाए।” — जल संसाधन विभाग
यह योजना न केवल खेतों की उर्वरता और उत्पादन को बढ़ावा देगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करने का कार्य करेगी।












