-मुजफ्फरपुर: जारंग-बन्दरा सड़क की बदहाली, गड्ढों में तब्दील ‘लाइफलाइन’ मार्ग
मुजफ्फरपुर। जारंग में मुजफ्फरपुर-दरभंगा फोरलेन से जोड़ने वाली जारंग–बन्दरा सड़क की स्थिति बद से बदतर हो चुकी है। सुरा गांव के पास सड़क में इतने बड़े-बड़े गड्ढे हैं कि यह पहचानना मुश्किल हो गया है कि सड़क में गड्ढा है या गड्ढे में सड़क। हालात ऐसे हैं कि वाहनों का परिचालन तो कठिन है ही, पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है।
यह सड़क बन्दरा एवं गायघाट प्रखंड मुख्यालय को जोड़ने के साथ-साथ दर्जनों गांवों के लिए ‘लाइफलाइन’ मानी जाती है। यही मार्ग बन्दरा–केवट्सा होते हुए तथा बन्दरा–मतलुपुर–रतवारा के रास्ते पूसा और सकरा पथ को जोड़ता है। इसके अलावा खगेश्वर नाथ मंदिर, मतलुपुर का संपर्क भी इसी सड़क से है।

स्थानीय लोग वर्षों से बन्दरा–रतवारा घाट पर पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कार्यवाही नहीं हुई। इस अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग की बदहाली ने इलाके के विकास को भी प्रभावित किया है।
बिहार में कभी नेताओं ने ‘हेमामालिनी के गाल जैसी चिकनी सड़क’ का सपना दिखाकर सत्ता हासिल की थी, लेकिन हकीकत यह है कि सामान्य सड़क भी दुरुस्त नहीं रखी जा सकी। सियासी दल और प्रतिनिधियों के चेहरे बदलते रहे, पर इलाके की सड़कों पर कीचड़ और दलदल कायम है।












