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मुख्यमंत्री ने किया जिला स्तरीय संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन

-मुख्यमंत्री ने किया जिला स्तरीय संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन

ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण तथा पशुपालकों, मत्स्यपालकों को आत्मनिर्भर बनाने की नई पहल

मुजफ्फरपुर समाहरणालय से जिलाधिकारी सहित काफी संख्या में लाभुक वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़े रहे।
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मुजफ्फरपुर।दीपक तिवारी।

बिहार में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और पशुपालकों तथा मत्स्यपालकों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक नया अध्याय जुड़ा है। माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने सोमवार को पटना स्थित राज्य स्तरीय समारोह में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुजफ्फरपुर के जिला स्तरीय संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र (District Resource and Training Centre) का आनलाइन उद्घाटन किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन उप विकास आयुक्त श्री श्रेष्ठ अनुपम सहित काफी संख्या में पशुपालक मत्स्यपालक एवं किसान राज्य स्तरीय समारोह से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे। कार्यक्रम में शामिल लाभुक अत्यंत उत्साहित नजर आये । लाभुकों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में किये जा रहे लगातार प्रयास के लिए उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री एवं सरकार के प्रति आभार प्रकट किया।

राज्य सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण समाज के आर्थिक उत्थान, रोजगार सृजन और किसानों के लिए नई संभावनाएं उपलब्ध कराना है। इस दिशा में माननीय मुख्यमंत्री द्वारा पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के तहत उठाया गया एक महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक कदम है। इस प्रशिक्षण केंद्र से न केवल किसानों और लाभुकों को नई तकनीक मिलेगी, बल्कि उन्हें बाजार से जोड़ने और उत्पादन बढ़ाने का अवसर भी मिलेगा।

आत्मनिर्भरता की राह : आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण से होंगे लाभुक सशक्त
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जिला स्तरीय संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र का मुख्य उद्देश्य किसानों, पशुपालकों और मत्स्यपालकों को आधुनिक तकनीकी जानकारी प्रदान करना है। केंद्र पर उन्हें नवीनतम पशुपालन तकनीक, मछली पालन की उन्नत विधियाँ, चारे का वैज्ञानिक उपयोग, पशु स्वास्थ्य प्रबंधन तथा विपणन की रणनीतियों पर नियमित प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस प्रकार की पहल ग्रामीण समाज में आत्मनिर्भरता की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। पहले किसान केवल परंपरागत तरीके से काम करते थे, जिससे उनकी आय सीमित रहती थी। अब इस केंद्र के माध्यम से वे आधुनिक पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन और आय दोनों को दोगुना कर पाएंगे।
मुजफ्फरपुर के भगवानपुर में स्थित जिला स्तरीय संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र में पशुपालन विभाग मत्स्य विभाग एवं गव्य विभाग का कार्यालय संचालित है।

एक लाभुक किसान ने बताया –
“सरकार द्वारा खोला गया यह केंद्र हमारे लिए बहुत उपयोगी है। यहां हमें मुफ्त प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे हम दूध उत्पादन और मछली पालन में नये प्रयोग कर सकेंगे।”

ग्रामीण विकास का नया मॉडल : महिलाओं और युवाओं को मिलेगा विशेष अवसर
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यह प्रशिक्षण केंद्र केवल किसानों तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण युवाओं को भी इसमें विशेष तौर पर शामिल किया जाएगा। विभाग की योजना है कि महिलाओं को दुग्ध उत्पादन, पोल्ट्री, मछली बीज उत्पादन और पशु आहार निर्माण से जोड़ा जाए। इससे वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकेंगी और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ेंगी।

ग्रामीण युवाओं के लिए भी इस केंद्र को रोजगार और उद्यमिता का केंद्र बनाया जाएगा। प्रशिक्षित युवाओं को विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जाएगा, जिसमें ऋण, अनुदान और बाजार सुविधा शामिल है।

आर्थिक प्रभाव और भविष्य की संभावनाएं
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जिला स्तरीय संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से आने वाले वर्षों में मुजफ्फरपुर ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तरी बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

दूध और मछली उत्पादन में वृद्धि होगी।

किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य आसानी से पूरा होगा।

बाजार से जुड़ाव बढ़ेगा और उत्पादकों को बेहतर दाम मिलेगा।

पलायन की प्रवृत्ति कम होगी क्योंकि गांव में ही रोजगार उपलब्ध होंगे।

केंद्र की स्थापना से न केवल आर्थिक दृष्टिकोण से बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी सकारात्मक बदलाव आएगा। ग्रामीण समाज में महिलाएं और युवा अब केवल आश्रित नहीं रहेंगे, बल्कि अपनी मेहनत और प्रशिक्षण के दम पर आत्मनिर्भर बनेंगे।

जिलाधिकारी ने कहा कि जिला स्तरीय संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन वास्तव में ग्रामीण समाज के लिए एक बड़ा तोहफा है। यह केंद्र किसानों, पशुपालकों और मत्स्यपालकों को नई तकनीक से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा। महिलाओं और युवाओं को भी रोजगार के अवसर प्रदान होंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।