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मुकदमों की बहुलता को कम करने में राष्ट्रीय लोक अदालत की महत्वपूर्ण भूमिका : देवराज त्रिपाठी

चंपारण की खबर:: –
-मुकदमों की बहुलता को कम करने में राष्ट्रीय लोक अदालत की महत्वपूर्ण भूमिका : देवराज त्रिपाठी
– बताया कि यहां कोई पक्ष हारता नहीं, बल्कि दोनों के संबंध मधुर बन जाते हैं: एसपी

मोतिहारी/ राजन द्विवेदी ।

जिला लोक अदालत सभागार में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला जज देवराज त्रिपाठी, जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल, पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा, जिला विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष कामख्या नारायण सिंह, सचिव नरेंद्र देव व प्राधिकारके सचिव ऋचा भार्गव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। समारोह को सम्बोधित करते हुए जिला जज ने कहा कि मुकदमों की बहुलता को सीमित करने में राष्ट्रीय लोक अदालत की महती भूमिका
है। लोक अदालत एक ऐसा मंच है जहां कोई पक्षकार हारता नहीं है, बल्कि आपसी सद्भाव से मोकदमा सुलझने के साथ ही दोनों पक्षों के बीच आपसी संबंध मधुर बन जाता है। वही जिलाधिकारी सह प्राधिकार के उपाध्यक्ष सौरभ जोरवाल ने कहा कि समाज में जब व्यस्तता बढ़ती है तो प्रशासन को विशेष कदम उठाना पड़ता है। लोक अदालत की अवधारणा ही है कि समाज के कमियों व आपसी विवाद को सौहार्द पूर्ण वातावरण में निपटारा करा देना है। जो आज के परिवेश में लोक अदालत आम जनमानस के लिए मील का पत्थर साबित हो रहा है।

पुलिस कप्तान कांतेश कुमार मिश्रा ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत अब आमजन के लिए राष्ट्रीय पर्व की भांति हो गया है। लोग अपने वादों के निपटारे के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत का बेसब्री से इंतजार करने लगे हैं। जिला विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष कामख्या नारायण सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का प्रचार प्रसार सुदूर देहातों में हो तथा इसके उद्देश्यों को आमजन तक पहुंचाया जाए तो लोक अदालत के ऐसे महत्वकांक्षी उद्देश्यों को धरातल पर अक्षरशः उतारा जा सकता है। वहीं संघ के महासचिव डा नरेंद्र देव ने कहा कि सुलहनीय धाराओं के साथ साथ कुछ वैसे असुलहनीय धाराओं को भी लोक अदालत में सुलह योग्य बनाया जाय जो गंभीर प्रकृति के नहीं है। इससे न्यायालय पर मोकादमों का बोझ कम होगा। समारोह का संचालन प्रशिक्षु न्यायिक दंडाधिकारी सुश्री इलियाना तथा धन्यवाद ज्ञापन प्राधिकार के सचिव सह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋचा भार्गव ने की।