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मानवता शर्मसार: बंद कमरे में बदहाल मिलीं सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापिका, तीन बेटियों के रहते आश्रम पहुंचीं

-मानवता शर्मसार: बंद कमरे में बदहाल मिलीं सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापिका, तीन बेटियों के रहते आश्रम पहुंचीं

मोतिहारी, राजन द्विवेदी।

पूर्वी चंपारण जिले में रक्सौल शहर के वार्ड-21, सब्जी बाजार स्थित आवास में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। अपने ही घर के एक कमरे में बंद मिलीं फुलचंद साह मध्य विद्यालय की पूर्व प्रधानाध्यापिका आभा देवी (66) को बदहाल हालत में रेस्क्यू किया गया।

बताया जाता है कि दिवंगत वार्ड पार्षद ओम प्रकाश पांडे की पत्नी आभा देवी गंदगी और दुर्गंध से भरे कमरे में निढाल पड़ी थीं। खुद से खड़े होने तक की स्थिति में नहीं थीं।

– गुप्त सूचना पर हुआ रेस्क्यू

गुरुवर की देर रात गुप्त सूचना पर डायल-112 और स्वच्छ रक्सौल की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने उन्हें रेस्क्यू कर अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया, जहां उपाधीक्षक डॉ. स्वाति सपन की देखरेख में उनका इलाज शुरू किया गया।

अस्पताल में डॉ. स्वाति सपन ने बताया कि महिला को गंभीर और कमजोर अवस्था में लाया गया था, जिसका उपचार किया गया है।

घटना के बाद पूरे शहर में आक्रोश और दुख का माहौल है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जिस शिक्षिका ने जीवन भर समाज को शिक्षा दी, तीन बेटियों के रहते हुए उनकी यह हालत कैसे हो गई। चर्चा है कि इस दौरान उनकी संपत्ति बेचने का मामला भी सामने आया है।

– बेटियों के साथ जाने से किया इनकार

अस्पताल में जब बेटी उनसे मिलने पहुंची तो आभा देवी की आंखों से आंसू छलक पड़े, लेकिन उन्होंने बेटी के साथ जाने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि “कहीं भी रह लूंगी, लेकिन बेटी के यहां नहीं जाऊंगी।”

महिला की इच्छा को प्राथमिकता देते हुए रक्सौल पुलिस ने उन्हें अनुमंडल अस्पताल से “आनंद वृद्धाश्रम” में शिफ्ट कर दिया, जहां उन्हें नया सहारा मिला है। फिलहाल स्वच्छ रक्सौल की टीम ने उनके इलाज और कानूनी सहायता की जिम्मेदारी ली है।