-मध्य रात्रि का सियासी ड्रामा: गवर्नर ने सरोज कुमार यादव को दिलाया मुख्यमंत्री पद की शपथ
-जनकपुरधाम में भड़का विरोध—गवर्नर हाउस में तोड़फोड़, सड़कों पर प्रदर्शन
जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर
मधेश प्रदेश की राजनीति में रविवार की रात नाटकीय मोड़ आ गया। बहुमत साबित न कर पाने के बाद मुख्यमंत्री जीतेन्द्र सोनल ने इस्तीफा दे दिया। अभी सभी दल नए मुख्यमंत्री चयन को लेकर बैठक में ही व्यस्त थे कि सोमवार तड़के 4:30 बजे अचानक राजनीतिक भूचाल आ गया।
गवर्नर सुमित्रा भंडारी ने स्वास्थ्य कारणों से काठमांडू रवाना होने की बात कहकर गोपनीय रूप से एमाले पार्टी के नेता सरोज कुमार यादव को मधेश प्रदेश का नया मुख्यमंत्री नियुक्त कर दिया। उनके साथ तीन मंत्रियों — लखन दास ततमा, विमला अंसारी खातुन और कंचन बिच्छा — ने भी बर्दीवास के पानस रिसॉर्ट में गुप्त रूप से पद एवं गोपनीयता की शपथ ली।
सुबह होते-होते यह खबर सोशल मीडिया के ज़रिए फैल गई। नेपाली कांग्रेस, जसपा और अन्य विपक्षी दलों में हड़कंप मच गया। आक्रोशित विधायकों ने जनकपुरधाम स्थित गवर्नर हाउस की ओर कूच किया। सुरक्षा कर्मियों ने रोकने की कोशिश की, मगर विधायकों ने जबरन प्रवेश कर गवर्नर हाउस के रिसेप्शन और कार्यालय कक्ष में तोड़फोड़ की।

इधर, नेपाली कांग्रेस और विद्यार्थी संगठनों के समर्थक जनकपुरधाम के विभिन्न चौक-चौराहों पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हालात को देखते हुए प्रशासन ने सेना की तैनाती बढ़ा दी है।
जसपा के विधायक रामाशीष यादव ने इस घटनाक्रम को “लोकतंत्र पर कलंक” बताते हुए कहा कि गवर्नर सुमित्रा भंडारी, गवर्नर से अधिक “एमाले नेत्री” के रूप में काम कर रही हैं। वहीं सभामुख रामचंद्र मंडल की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
जनकपुरधाम की जनता इस घटनाक्रम को “जनता के विश्वास के साथ विश्वासघात” बता रही है। अब सबकी निगाहें आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हैं कि आगे मधेश प्रदेश की राजनीति कौन-सा नया मोड़ लेती है।














