-मतलूपुर के बाबा खगेश्वरनाथ धाम में भागवत कथा का दूसरा दिन संपन्न — परम पूज्य श्री कमलेश दास जी ने बताया अक्षय नवमी का महत्व
मुजफ्फरपुर । दीपक कुमार तिवारी ।
मुजफ्फरपुर जिले के हत्था थाना क्षेत्र के मतलुपुर स्थित बाबा खगेश्वरनाथ मंदिर परिसर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन गुरुवार की संध्या भक्तिमय माहौल में कथा का आयोजन किया गया। कथा वाचक परम पूज्य श्री कमलेश दास जी महाराज (अयोध्या धाम) ने आज की तिथि अक्षय नवमी का धार्मिक महत्व बताते हुए कहा कि—
“इस दिन किया गया सत्कर्म कभी नष्ट नहीं होता। इसलिए आज के दिन भगवान का पूजन और संकीर्तन अवश्य करना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि काशी भूमि स्वयं भगवान शिव की उपस्थिति से पवित्र है। “काशी में हर स्थान पर महादेव का निवास है, और वही भूमि मोक्षदायिनी कही गई है।”
कथा के दौरान श्री कमलेश दास जी ने भगवान के विभिन्न अवतारों का वर्णन करते हुए बताया कि जब-जब पृथ्वी पर भक्तों ने भगवान को पुकारा है, तब-तब भगवान अवतरित होकर अपने भक्तों का उद्धार करते आए हैं। उन्होंने कहा कि “मनुष्य को सदा भगवान की शरणागति में रहना चाहिए, यही जीवन का सच्चा कल्याण है।”

इस अवसर पर परिसर में भक्ति, संकीर्तन और जयघोषों से वातावरण गूंज उठा।
कथा में मुख्य यजमान डॉ. अरविंद झा, पूर्व कुलपति डॉ. गोपालजी त्रिवेदी, लखींद्र पाठक, विनय पाठक, पवन ठाकुर सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित थे।
📿 मुख्य बातें:
-अक्षय नवमी तिथि का धार्मिक महत्व बताया गया
-काशी भूमि की पवित्रता पर श्री कमलेश दास जी का प्रवचन
-भगवान के विभिन्न अवतारों की कथा सुन भक्त भावविभोर
-सैकड़ों श्रद्धालु बने दिव्य कथा के साक्षी












