-भ्रष्ट मंत्रियों की बर्खास्तगी की मांग पर आइसा-आरवाईए का आक्रोश मार्च, मोदी-नीतीश का पुतला दहन
समस्तीपुर। भ्रष्टाचार में डूबे मंत्रियों की बर्खास्तगी की मांग को लेकर शनिवार को इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने संयुक्त रूप से आक्रोश मार्च निकाला। मार्च भाकपा-माले जिला पार्टी कार्यालय से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से गुजरता हुआ मालगोदाम चौक पहुंचा, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला दहन किया गया। इसके बाद मार्च सभा में तब्दील हो गया।
सभा की अध्यक्षता आरवाईए जिला सचिव रौशन कुमार और संचालन आइसा जिला सह-सचिव मो. फरमान ने किया। इस दौरान वक्ताओं ने सरकार और मंत्रियों पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और मांग की कि मंत्रियों मंगल पांडेय, सम्राट चौधरी, अशोक चौधरी, जीवेश मिश्रा सहित अन्य पर उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए और उन्हें तुरंत कैबिनेट से बाहर किया जाए।
आइसा जिला सचिव सुनील कुमार ने कहा कि आज़ादी के 77 साल बाद भी छात्र-नौजवानों की स्थिति गुलामी जैसी है। भगत सिंह ने जिस “भूरे अंग्रेज़ों” की चेतावनी दी थी, वही आज सच साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि रेलवे ड्राइवर और दरोगा भर्ती परीक्षा में आरक्षण घोटाले का जवाब सरकार को देना होगा।

वहीं आरवाईए जिला सचिव रौशन कुमार ने हाल ही में दरोगा बहाली में एससी-एसटी आरक्षण घोटाले और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा की। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार में डूबी है और विरोध करने वालों पर दमन ढा रही है।
आइसा जिला उपाध्यक्ष दीपक यदुवंशी ने कहा कि मंत्रियों के मंत्रालयों में घोटालों के मामले सामने आ रहे हैं और अफसरों के यहां से रोज़ करोड़ों रुपये बरामद हो रहे हैं। बावजूद इसके सरकार कार्रवाई से बच रही है।
मार्च और सभा में बड़ी संख्या में छात्र-नौजवान शामिल हुए और “खजाना चोर – आरक्षण चोर – गद्दी छोड़” जैसे नारे लगाए। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर मंत्रियों को कैबिनेट से बाहर कर भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लगाया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
















