-भोटेकोसी की बाढ़ में एक दर्जन जलविद्युत केंद्र प्रभावित, 530 मेगावाट बिजली उत्पादन ठप
जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर। नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार को भोटेकोसी नदी में आई भीषण बाढ़ ने बिजली उत्पादन व्यवस्था को भी भारी झटका दिया है। बाढ़ से रसुवा जिले के करीब 10 और नुवाकोट जिले के दो जलविद्युत केंद्रों को भारी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इससे करीब 530 मेगावाट बिजली उत्पादन ठप हो गया है। बिजली उत्पादन प्रभावित होने से रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिलों में लंबे समय तक बिजली संकट की आशंका जताई जा रही है।
बाढ़ की चपेट में भोटेकोसी नदी से संचालित कई जलविद्युत परियोजनाएं आई हैं। इनमें सुबागढ़ी जलविद्युत केंद्र की 111 मेगावाट, सालासुंगी की 78 मेगावाट, ऊंची सांजेन की 14.8 मेगावाट, चिलिमे की 52 मेगावाट, लांगटांग की 20 मेगावाट, मेलूग की 14.8 मेगावाट तथा मैलून की पांच मेगावाट की बिजली उत्पादन क्षमता प्रभावित होने की बात कही जा रही है।

इसी तरह देवीघाट जलविद्युत केंद्र की करीब 14 मेगावाट क्षमता भी बाढ़ से प्रभावित हुई है। नुवाकोट जिले में ऊंची त्रिशूली जलविद्युत परियोजना की 60 मेगावाट तथा त्रिशूली जलविद्युत केंद्र की 24 मेगावाट क्षमता पर भी बाढ़ का असर पड़ा है।
इसके अलावा नेपाल विद्युत प्राधिकरण का सोलर प्लांट भी बाढ़ की चपेट में आया है। इस सोलर प्लांट की उत्पादन क्षमता करीब 25 मेगावाट बताई गई है। कुलेखानी जलविद्युत केंद्र में भी बाढ़ से नुकसान होने का अनुमान है, हालांकि नुकसान का विस्तृत आकलन अभी किया जाना बाकी है।
भोटेकोसी नदी में अचानक आई बाढ़ ने केवल जनजीवन और बस्तियों को ही प्रभावित नहीं किया, बल्कि नेपाल के ऊर्जा क्षेत्र के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। कई परियोजनाओं के उत्पादन बंद होने से बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।
बाढ़ से प्रभावित जलविद्युत परियोजनाओं में हुए नुकसान का आकलन और विद्युत उत्पादन बहाल करने के लिए तकनीकी टीमों के स्तर पर काम शुरू किया जाना है। हालांकि परियोजनाओं को हुए नुकसान की गंभीरता को देखते हुए बिजली उत्पादन सामान्य होने में लंबा समय लगने की आशंका है।












