-विद्यालय में अंग्रेजी सुलेख प्रतियोगिता आयोजित
भागलपुर से शशि भूषण मिश्र की रिपोर्ट।
दिनांक 19 दिसंबर 2022 दिन सोमवार को पूरनमल सावित्री देवी बाजोरिया सरस्वती शिशु मंदिर नरगा कोठी के प्रांगण में आयोजित अंग्रेजी सुलेख प्रतियोगिता का पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र भैया बहनों के बीच वितरित किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ विद्यालय के पूर्व आचार्य केशव प्रसाद यादव,उप प्रधानाचार्य अशोक कुमार मिश्र एवं प्रभारी प्रधानाचार्य राजेश कुमार द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
केशव प्रसाद यादव ने कहा कि मैंने 30 वर्षों तक विद्या भारती के कार्यों को इस विद्यालय में करते हुए 2008 में इस विद्यालय से सेवानिवृत्त हुआ हूं। विद्या भारती के विद्यालय में भैया बहनों को प्रातः जागरण से रात्रि सोने तक का रूटीन बताया जाता है। जिसके अंतर्गत धरती माता को प्रणाम करना तथा अपने से बड़ों का अभिवादन करना बताया जाता है। बड़ों को अभिवादन करने से आयु, विद्या, यश और बल चार चीजों की वृद्धि होती है जो आज समाज में बहुत ही आवश्यक है। उनके द्वारा धर्म एवं संस्कार को आत्मसात करने की बात कही गई।

अशोक कुमार मिश्र ने कहा कि स्वयं लक्ष्य तय कर लक्ष्य तक पहुंचना ही सफलता है जिसका परिणाम अभी भैया बहनों को प्राप्त हुआ है।
प्रभारी प्रधानाचार्य राजेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि आज के मुख्य अतिथि केशव प्रसाद यादव जी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ उन्होंने बचपन में इसी विद्यालय में मुझे शिक्षा प्रदान किया था। मंच संचालन अंजू रानी द्वारा एवं अतिथि परिचय अभिजीत आचार्य द्वारा किया गया।
आज के पुरस्कार वितरण में कक्षा अरुण से पंचम तक के भैया बहनों को अंग्रेजी सुंदर लिखने पर पुरस्कार दिया गया कक्षा अरुण से दक्षराज, अंकित राज, हर्ष राज, कक्षा उदय से आकांक्षा भारती, आरव शर्मा, अनन्या कुमारी ,कक्षा प्रथम से अभिनव, शृष्टि पाल ,आकांक्षा रानी, आराध्या कुमारी, आर्यन राज, गजानन, द्वितीय से निक्की भारती, रिया भारती, यश ईश्वर, दीपिका कुमारी, आकृति कुमारी ,प्रियांशु कुमार ,कक्षा तृतीय से वर्णिका आचार्या,लक्ष्यराज, रितिक, प्राची रानी, चंद्रमुखी ,शुभेंदु प्रियदर्शी, कक्षा चतुर्थ से फाल्गुनी झा, रागिनी कुमारी ,सानवी चौधरी, यशस्वी राज, दिव्यांशु कुमार, आर्यन कुमार, कक्षा पंचम से राजा ,श्रेया भारती, माही प्रज्ञा, प्रतिज्ञा कुमारी ,श्री शुक्ला, अंकुश कुमार ,भैया बहनों को पुरस्कृत किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के समस्त आचार्य उपस्थित थे।













