-बिहार में हवाई सेवाओं के विकास का बनेगा रोडमैप, मुजफ्फरपुर के पताही एयरपोर्ट पर भी बढ़ेगी सुविधा
मुजफ्फरपुर। बिहार के विभिन्न जिलों में हवाई सेवाओं के समग्र और दीर्घकालिक विकास के लिए राज्य सरकार रोडमैप तैयार करेगी। इसके लिए सिविल विमानन विभाग ने एविएशन विजन एंड पॉलिसी बनाने का निर्णय लिया है। इस नीति का प्रारूप तैयार करने की जिम्मेदारी अंतरराष्ट्रीय सलाहकार कंपनी केपीएमजी इंडिया सर्विसेज को सौंपी गई है। विभाग ने इस संबंध में संकल्प जारी किया है। प्रस्तावित नीति के तहत राज्य में उपलब्ध और प्रस्तावित हवाई अड्डों का बेहतर उपयोग करने के साथ विमानन क्षेत्र में निवेश, रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना है।
विभाग के अनुसार, हवाई अड्डों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्थित नीतिगत दिशा तय करना जरूरी है। इसके लिए सलाहकार एजेंसी विमानन क्षेत्र की वर्तमान स्थिति, उपलब्ध आधारभूत संरचना, संस्थागत व्यवस्था और भविष्य की जरूरतों का आकलन करेगी। राज्य में विमानन क्षेत्र के विकास की संभावनाओं को देखते हुए विभिन्न जिलों में उपलब्ध सुविधाओं और प्रस्तावित परियोजनाओं का सर्वे किया जाएगा।
वर्तमान में सोनपुर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और अजगैबीनाथ धाम में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के विकास की योजना पर काम हो रहा है। इसके अलावा केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत मुजफ्फरपुर, वीरपुर, वाल्मीकिनगर और सहरसा में हवाई अड्डों को विकसित करने की पहल की जा रही है। मुजफ्फरपुर में उड्डयन प्रशिक्षण केंद्र खोलने का प्रस्ताव भी है।

जिले के पताही हवाई अड्डे के विकास पर भी काम चल रहा है। यहां प्रशासनिक भवन, पार्किंग वे, रनवे की मरम्मत, कार्यालय भवन समेत अन्य आधारभूत संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। फिलहाल यहां से छोटी विमान सेवा शुरू करने की तैयारी है। प्रस्तावित विमानन नीति से पताही हवाई अड्डे के विकास को भी दीर्घकालिक दिशा मिलने की उम्मीद है।
नई नीति के तहत हवाई अड्डों के विकास के साथ उपलब्ध जमीन का इस्तेमाल विमान रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल यानी एमआरओ सुविधाओं तथा उड़ान प्रशिक्षण संगठनों की स्थापना के लिए करने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। इसके अलावा विमानन सेवाओं के विस्तार और निजी क्षेत्र के निवेश को प्रोत्साहित करने की रणनीति भी तैयार की जाएगी। इससे राज्य में निवेश के नए अवसर पैदा होने के साथ रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है।
सलाहकार एजेंसी द्वारा प्रारूप तैयार किए जाने के बाद सिविल विमानन विभाग इसकी समीक्षा करेगा। इसके बाद संबंधित विभागों और अन्य हितधारकों से सुझाव लेकर नीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। उम्मीद है कि इस पहल से बिहार में हवाई संपर्क मजबूत करने और विमानन क्षेत्र के व्यवस्थित विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।











