-बिहार के 100 पैक्स अध्यक्ष मुश्किल में फंसे,होगी एफआईआर
-नहीं लड़ सकेंगे चुनाव
ब्यूरो।पटना।
बिहार में 103 पैक्स के अध्यक्षों और प्रबंध समिति सदस्यों पर गाज गिरने वाली है। मतदाता सूची में गड़बड़ी करने वालों पर FIR दर्ज होगी और आगे चुनाव लड़ने पर रोक लग जाएगी। साथ ही, सूची की जांच करने वाले अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होगी। बिहार निर्वाचन प्राधिकार ने सहकारिता विभाग को पत्र लिखकर कार्रवाई करने को कहा है।
यह मामला 103 पैक्स से जुड़ा है, जहां मतदाता सूची में गड़बड़ी के कारण चुनाव टालने पड़े थे। प्राधिकार सचिव पुरुषोत्तम पासवान ने सहकारिता विभाग के सचिव को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने दोषी पैक्स अध्यक्षों पर कार्रवाई की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि जिन पैक्स के चुनाव गलत मतदाता सूची के कारण स्थगित हुए हैं, उनके पदधारकों पर बिहार सहकारी सोसाइटी अधिनियम के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।
प्राधिकार सचिव ने क्षेत्रीय निरीक्षण और पर्यवेक्षण करने वाले सहकारिता पदाधिकारियों की भूमिका की जांच के आदेश भी दिए हैं।

जांच में पता चला है कि कई पैक्स अध्यक्षों ने अपनी मनमर्जी से, वोट की राजनीति के लिए, नए सदस्य बना लिए थे। साथ ही, कुछ सदस्यों को हटाने के प्रस्ताव भी दर्ज किए गए थे। जांच में यह भी सामने आया कि प्रबंधकारिणी समिति के कई सदस्यों ने बैठक में किए गए हस्ताक्षरों को जाली बताया है।
यह गड़बड़ी 103 पैक्स में पाई गई है, जिससे चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हुई। इन पैक्स के अध्यक्षों और प्रबंध समिति के सदस्यों पर एफआईआर दर्ज हो सकती है। इसके अलावा, उन्हें भविष्य में चुनाव लड़ने से भी रोका जा सकता है। यह कार्रवाई बिहार सहकारी सोसाइटी अधिनियम के तहत की जाएगी। इस मामले में सहकारिता विभाग के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होगी।











