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फर्जी कॉल गर्ल वेबसाइट से लाखों की ठगी, चौमूं पुलिस ने दो शातिर साइबर ठग दबोचे

-फर्जी कॉल गर्ल वेबसाइट से लाखों की ठगी, चौमूं पुलिस ने दो शातिर साइबर ठग दबोचे

जयपुर।
राजधानी जयपुर के चौमूं थाना क्षेत्र में साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। चौमूं थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो हसीन युवतियों की फर्जी और अश्लील तस्वीरें दिखाकर लोगों से हजारों-लाखों रुपये ऐंठ रहा था। पुलिस ने कचोलिया रोड स्थित मयंक एन्क्लेव के एक फ्लैट पर दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान राजेन्द्र कुमार यादव और अंकित गलेत के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि उन्होंने यूट्यूब पर वीडियो देखकर ठगी करने के ‘प्रोफेशनल’ तरीके सीखे। इसके बाद इन्होंने “Call Girls Schloka” नाम से एक फर्जी वेबसाइट बनाई और उस पर अपने मोबाइल नंबर अपलोड कर लोगों को जाल में फंसाने लगे।
पुलिस उपायुक्त (जयपुर पश्चिम) हनुमान प्रसाद मीणा ने बताया कि गिरोह का तरीका बेहद शातिर और योजनाबद्ध था। वेबसाइट पर अश्लील तस्वीरें डालकर नीचे संपर्क नंबर दिए जाते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति संपर्क करता, आरोपी सोशल मीडिया से चुराई गई 10 से 12 खूबसूरत युवतियों की अश्लील तस्वीरें भेजते थे। भरोसा जीतने के लिए ये लोग ‘मान्यता प्राप्त सर्विस’ होने के फर्जी दस्तावेज और सर्टिफिकेट भी व्हाट्सऐप पर भेजते थे।


लड़की पसंद आने के बाद ‘टोकन मनी’ के नाम पर क्यूआर कोड भेजकर पैसे ट्रांसफर करवाए जाते थे। रकम मिलने के बाद आरोपी गूगल से किसी नजदीकी होटल का नाम भेज देते और कहते कि वहां जाकर टोकन दिखाने पर एंट्री मिल जाएगी। इस तरह शिकार से बार-बार 4 से 5 हजार रुपये वसूले जाते थे।
पुलिस के अनुसार आरोपी मुख्य रूप से राजस्थान के बाहर के राज्यों—दिल्ली, हरियाणा, पंजाब आदि के लोगों को निशाना बनाते थे। उनका मानना था कि बदनामी के डर और दूरी की वजह से पीड़ित पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराएंगे।
सहायक पुलिस आयुक्त उषा यादव के सुपरविजन में की गई रेड के दौरान पुलिस को फ्लैट से 7 हाई-टेक मोबाइल फोन, क्यूआर कोड स्कैनर, फर्जी पैन कार्ड व आधार कार्ड, और लाखों रुपये की ठगी से जुड़े डिजिटल दस्तावेज बरामद हुए हैं।
चौमूं थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के तार और किन-किन राज्यों से जुड़े हैं तथा अब तक इन्होंने कुल कितनी रकम की ठगी की है।