-प्रभारी प्रधानाध्यापक विवाद में शिक्षक निलंबित, कुर्सी शुद्धिकरण का वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप
मुजफ्फरपुर। जिले के राजकीयकृत शिवनंदन उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रभारी प्रधानाध्यापक के पद को लेकर चल रहा विवाद अब सुर्खियों में आ गया है। कार्यालय की कुर्सी पर पानी छिड़कने और उसे साफ कराने से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। वीडियो को लेकर विवाद ने कथित तौर पर जातीय रंग ले लिया, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी प्रधानाध्यापक ज्ञान प्रकाश को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, ज्ञान प्रकाश पिछले करीब 17 वर्षों से इसी विद्यालय में कार्यरत हैं। अप्रैल 2025 में उन्हें विद्यालय का प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाया गया था। इसके बाद 25 मार्च 2026 को जिला कार्यक्रम पदाधिकारी की ओर से विद्यालय के शिक्षक सुशील कुमार चौधरी को नया प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाए जाने का पत्र जारी किया गया। 28 मार्च को जब उनसे प्रभार सौंपने को कहा गया तो ज्ञान प्रकाश ने आदेश के खिलाफ रिव्यू अर्जी दाखिल कर दी। मामला विभागीय अधिकारियों से होते हुए क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक के पास पहुंचा। बताया जा रहा है कि 2 सितंबर 2026 को क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक ने ज्ञान प्रकाश को दोबारा प्रभारी प्रधानाध्यापक पद पर नियुक्त करने का आदेश दिया।

इसके अगले दिन 3 सितंबर को ज्ञान प्रकाश जब अपने कार्यालय पहुंचे तो उनकी कुर्सी पर एक मरा हुआ गिरगिट पड़ा मिला। बताया गया कि उन्होंने नाइट गार्ड से कुर्सी साफ करवाई और अपनी नियमित पूजा-पाठ की दिनचर्या के तहत उस स्थान पर पानी का छिड़काव किया। इसी दौरान बनाए गए वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया गया। वीडियो को कथित तौर पर कुर्सी के ‘जातीय शुद्धिकरण’ से जोड़कर प्रचारित किए जाने के बाद विवाद और बढ़ गया।
वीडियो वायरल होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद सिन्हा ने मामले का संज्ञान लिया। शिक्षा विभाग की ओर से ज्ञान प्रकाश पर अनुशासनहीनता और कर्तव्यों के प्रति गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई है।
वहीं, पूरे प्रकरण को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से विस्तृत जांच की जा रही है। शुरुआती तौर पर मामला जातीय विवाद के रूप में सामने आया, लेकिन घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में दो शिक्षकों के बीच प्रभारी प्रधानाध्यापक का प्रभार संभालने को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद भी सामने आया है। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और पूरे मामले में किसकी क्या भूमिका रही।













