-पुलिस लाइन और BMP-6 में ‘दीदी की रसोई’ का शुभारंभ, नारी सशक्तिकरण की ओर जीविका का सशक्त कदम
✍🏻 मुजफ्फरपुर। संवाददाता।
नारी सशक्तिकरण और आजीविका संवर्द्धन की दिशा में जीविका द्वारा एक और ऐतिहासिक पहल करते हुए मुजफ्फरपुर जिले के बिहार सैन्य पुलिस केंद्र -6 (BMP-6) और पुलिस लाइन में “दीदी की रसोई” का भव्य शुभारंभ किया गया। इस पहल के अंतर्गत प्रशिक्षणरत पुलिस जवानों को स्वच्छ, पौष्टिक और संतुलित भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी अब जीविका दीदियों को सौंपी गई है।
इस रसोई व्यवस्था के माध्यम से एक ओर जहां प्रशिक्षणार्थियों को गुणवत्तायुक्त भोजन मिलेगा, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता का सशक्त मंच भी मिलेगा। यह पहल महिला सशक्तिकरण का एक प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभरा है।
शुभारंभ अवसर पर नॉन-फार्म मैनेजर विकास कुमार, कैंटीन मैनेजर सोनू कुमार, विवेक आनंद, सर्वोत्तम और उत्तम जीविका संकुल स्तरीय संघ की प्रतिनिधि दीदियाँ एवं चयनित रसोई दीदियाँ उपस्थित रहीं।
जिला परियोजना प्रबंधक अनिशा ने कहा,
“जीविका का लक्ष्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है। इस तरह की संस्थागत साझेदारियाँ महिलाओं को न केवल रोजगार देती हैं, बल्कि उन्हें सामाजिक सम्मान और मुख्यधारा से भी जोड़ती हैं।”

उन्होंने बताया कि रसोई में कार्यरत सभी दीदियों को पहले ही स्वच्छता, पोषण, खाद्य गुणवत्ता एवं सुरक्षा पर व्यापक प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
इस दीदी की रसोई में प्रतिदिन लगभग 800 जवानों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसमें स्वच्छता और पोषण का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। दीदियाँ पूरी प्रक्रिया में एप्रन व स्वच्छ वस्त्र का प्रयोग करती हैं, जिससे स्वास्थ्य मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित हो सके।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि जब सरकारी विभाग और समुदाय आधारित संगठन मिलकर कार्य करते हैं, तो उसका सकारात्मक और दीर्घकालिक प्रभाव समाज पर पड़ता है।
✅ प्रमुख बिंदु:
BMP-6 और पुलिस लाइन में दीदी की रसोई की शुरुआत
प्रतिदिन 800 प्रशिक्षणार्थियों को मिलेगा पौष्टिक भोजन
स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के मानकों का पालन
महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नया अध्याय












