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पीएम आवास योजना के नाम पर बड़ा घोटाला, फर्जी लाभुकों को जारी की गई राशि

-पीएम आवास योजना के नाम पर बड़ा घोटाला, फर्जी लाभुकों को जारी की गई राशि

– ग्राम पंचायत राज पिपरा में उजागर हुआ मामला , डीएम को सौंपा ज्ञापन

मोतिहारी, राजन द्विवेदी।

पूर्वी चम्पारण जिले के अरेराज प्रखंड के ग्राम पंचायत राज पिपरा में केंद्र सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर एक संगठित और योजनाबद्ध घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। इस घोटाले में पंचायत के मुखिया गुड़िया मिश्रा उनके पति ऐश्वर्या मिश्रा, उपमुखिया पति साहेब हुसैन और कुछ स्थानीय दलाल ,पवन कुशवाहा , कुंदन पाठक तथा अन्य लोगों की मिलीभगत से दर्जनों फर्जी लाभुकों को आवास योजना की राशि हस्तांतरित कर दी गई है, जबकि असली पात्र गरीब अब भी कच्चे मकानों और झोपड़ियों में रहने को विवश हैं।
इस पूरे मामले को उजागर करने वाले स्थानीय निवासी अविनाश कुमार उपाध्याय ने जिलाधिकारी पूर्वी चम्पारण को लिखित आवेदन देकर बताया कि उनका नाम स्वीकृत लाभुकों की सूची में पीएमएवाई आईडी – बीएच 144785607 के अंतर्गत दर्ज है, लेकिन उनके नाम पर बिना किसी जानकारी के राशि निकाल ली गई। जब उन्होंने संबंधित ब्लॉक कार्यालय में इसकी जानकारी ली, तो पता चला कि उनके नाम पर भुगतान पहले ही कर दिया गया है। यह राशी स्थानीय मुखिया के सागिर्दो के द्वारा निकाला गया । वेवसाईट पर केवल उसका फोटो दिखाई दे रहा हैं।

– मृत व्यक्तियों के नाम पर भी जारी हुई राशि

अविनाश उपाध्याय ने यह भी बताया कि इस पंचायत में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहाँ मृत व्यक्तियों के नाम पर भी आवास योजना की राशि निकाली गई है। उदाहरण के तौर पर, गुगली मियां पिता इसाक मिया , जिनकी मृत्यु हो चुकी है, के नाम पर पीएमएवाई आईडी – बीएच 142326593 से राशि जारी कर दी गई। उनके पत्नी भी दिवंगत हैं, बावजूद इसके उनके नाम पर फर्जी दस्तावेज बनाकर भुगतान कर दिया गया।

-बिना निर्माण कार्य के लाभुकों को मिली धनराशि

आवेदन में बताया है कि पंचायत क्षेत्र के 90 फीसद लाभुकों को बिना किसी निर्माण कार्य के ही योजना की पहली और दूसरी किस्त दे दी गई है। निर्माण कार्य के नाम पर न कोई ईंट लगी, न छड़, न सीमेंट – लेकिन सरकारी फाइलों में कार्य “पूर्ण” दर्शा दिया गया है। यह सारा फर्जीवाड़ा मुखिया और उनके पति, उनके दलालों की मिलीभगत से हुआ है।
मुखिया गुड़िया मिश्रा एवं उनके पति ऐश्वर्या मिश्रा उपमुखिया पति साहेब हुसैन दलाल पवन कुशवाहा , कुंदन पाठक प्रत्येक लाभुक से 10,000 से अधिक की अवैध वसूली यह भी उल्लेखनीय है कि वास्तविक लाभुकों से जबरन 10,000 से 15,000 तक की वसूली की गई है। कहा गया कि यह पैसा ‘कमिशन’ और ‘रजिस्ट्रेशन चार्ज’ के नाम पर देना अनिवार्य है, अन्यथा पैसा खाते में नहीं आएगा। गरीबों को डराकर, धमकाकर और फर्जी दस्तावेज बनवाकर यह पैसा निकाला गया। जिसका खाता में ट्रांसफर करने का साक्ष्य भी मौजूद हैं।

– मिल रही धमकी और फर्जी मुकदमे की हो रही है साजिश

जब अविनाश उपाध्याय ने इस घोटाले का विरोध किया और शिकायत दर्ज करवाई, तब से उन्हें धमकी दी जा रही है। उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट तौर पर लिखा है कि अगर उन्हें या उनके परिवार को किसी प्रकार की शारीरिक, मानसिक या सामाजिक क्षति पहुंचती है तो इसकी जिम्मेदारी इस घोटाले में संलिप्त लोगों की होगी।