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पटना- आरा रोड पर अब नहीं लगेगा जाम!

पटना- आरा रोड पर अब नहीं लगेगा जाम!

-कोइलवर पुल के पास लगाया जाएगा वर्टिकल बैरियर
-जानें ट्रैफिक प्लान

ब्यूरो।पटना/आरा।

बिहार की राजधानी पटना से आरा तक दिसंबर महीने में 70 किलोमीटर तक जाम लग गया। 25 लाख से ज्यादा की आबादी परेशान हुई। बीस हजार से ज्यादा ट्रक कई दिनों तक सड़कों पर खड़े रहे। इस महाजाम ने कितनी शादियों को प्रभावित किया। कई लोग फ्लाइट पकड़ने से वंचित रह गए। दर्जनों मरीज जाम के झाम में कई दिनों तक फंसे रहे। ये सिलसिला आए दिन जारी रहता है। अब भोजपुर जिला प्रशासन ने इससे मुक्ति का उपाय खोज निकाला है।
आरा- पटना रोड पर लगातार होने वाले जाम को कम करने के प्रयास जारी हैं। जिला प्रशासन का मानना है कि बालू से लदे ट्रक गलत लेन में प्रवेश कर जाते हैं। जिसकी वजह से ये जाम लगता है। उसके बाद भोजपुर जिला प्रशासन ने कोईलवर पुल के पास एक वर्टिकल बैरियर लगाने की प्लानिंग कर ली है। ये वर्टिकल बैरियर वाहनों को वहां से दूर ले जाकर फिर वापस करेगा।
भोजपुर डीएम कार्यालय की ओर से एक आदेश जारी किया गया है। जिसमें ये कहा गया है कि कोइलवर पुल के बिहटा छोर पर, वर्टिकल बैरियर स्थापित करने के लिए एक जगह निर्धारित की गई है जो बालू से लदे ट्रकों को गलत लेन में प्रवेश करने से रोकेगी। इसमें ये कहा गया है कि मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा के निर्देश के बाद एक टीम का गठन कर इस समस्या का समाधान निकाला गया है। उसके बाद इस टीम में शामिल कई अधिकारियों ने रोड का निरीक्षण किया है।
मुख्य सचिव के निर्देश के बाद आरा सदर एसडीपीओ-द्वितीय, रंजीत कुमार सिंह; जिला खनन अधिकारी राजेश कुशवाहा; कोईलवर एसएचओ नरोत्तम चंद्र और उनके बिहटा समकक्ष की एक टीम ने कोईलवर-बिहटा सड़क का निरीक्षण किया। और आरा-पटना सड़क पर यातायात जाम को कम करने के उपायों पर चर्चा की। निरीक्षण के बाद कोईलवर और बिहटा की सीमा पर बालू लदे ट्रकों पर नजर रखने और उन्हें गलत लेन में जाने से रोकने के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित करने का निर्णय लिया गया।


पटना-आरा-छपरा मार्ग पर जाम को कम करने के लिए एक अन्य कदम के तहत परेव की ओर से एक बार में सीमित संख्या में ही ट्रकों को छोड़ने का निर्णय लिया गया। भोजपुर जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि जब ट्रक कोईलवर के मनभावन चौक से होते हुए बबुरा रोड में प्रवेश करेंगे, तभी परेव की ओर से सीमित संख्या में बालू लदे ट्रकों का एक और जत्था छोड़ा जाएगा। इससे ट्रकों को मार्ग पर लंबे समय तक फंसने से बचाया जा सकेगा।