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नीतीश कुमार से आरजेडी को इतनी हमदर्दी क्यों?

बिहार में ‘खेला’ की आहट के बीच एक और खेल!

-नीतीश कुमार से आरजेडी को इतनी हमदर्दी क्यों?

दीपक कुमार तिवारी।पटना।

बिहार में ‘खेला’ की राजनीतिक अटकलों के बीच राजद ने भी अपना खेल शुरू कर दिया है। हालांकि, एनडीए गठबंधन मजबूत और इंटैक्ट नजर आ रहा है। बावजूद, आरजेडी इसे कमजोर करने का कोई मौका छोड़ता नहीं चाहती है। राजद की तरफ से जीतन राम मांझी के बयान को लेकर एक आशंका जताई गई है। ये आशंका बिहार की सरकार को अस्थिर करने की मंशा से है। दरअसल, अभी एक दिन पहले बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने एक बयान दिया था। उस बयान को राजद ने लपक लिया है।
जीतन राम मांझी ने अभी एक दिन पहले कहा था कि शराबबंदी के बावजूद बिहार के तमाम बड़े अधिकारी शराब का सेवन कर रहे हैं। लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिहार सरकार के एसपी, कलेक्टर, जज और तमाम बड़े अधिकारी शराब का सेवन करते हैं। लेकिन उन पर कोई एक्शन नहीं लिया जाता।

मगर, कमजोर तबके का कोई गरीब एक-आधा पाव शराब पी लेता है तो उसे सजा हो जाती है। जीतन राम मांझी के इस बयान पर राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी जीतन राम मांझी के जरिए नीतीश कुमार को कमजोर करना चाहती है।
आरजेडी के शक्ति यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी नीतीश कुमार को जीतन राम मांझी के जरिए कमजोर करना चाहती है। उन्होंने ये आशंका जताई की जीतन राम मांझी ने जो बयान दिया है, वो बीजेपी के इशारे पर ही दिया है।
आरजेडी प्रवक्ता शक्ति यादव ने इसके लिए उदाहरण भी दिए। उन्होंने कहा कि एक तरफ भाजपा जहां नीतीश कुमार को जीतन राम मांझी के जरिए कमजोर करना चाहती है और वहीं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के मुखिया चिराग पासवान को चाचा पशुपति पारस के जरिए कमजोर करना चाहती है।