-नीट पीजी काउंसलिंग में SKMCH की क्लिनिकल ब्रांचों का जलवा
-जनरल मेडिसिन और पीडियाट्रिक्स की सीटों पर बढ़ी प्रतिस्पर्धा
मुजफ्फरपुर। नीट पीजी की कठिन परीक्षा पास करने के बाद काउंसलिंग में शामिल युवा डॉक्टरों के बीच क्लिनिकल ब्रांचों को लेकर जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। ऑल इंडिया काउंसलिंग के पहले राउंड के आंकड़ों में श्रीकृष्ण चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच), मुजफ्फरपुर में एमडी पीडियाट्रिक्स और एमडी जनरल मेडिसिन सबसे पसंदीदा विषयों के रूप में सामने आए हैं। इन दोनों ब्रांचों की क्लोजिंग रैंक से इनकी मांग का अंदाजा लगाया जा सकता है।
काउंसलिंग के आंकड़ों के अनुसार, एसकेएमसीएच में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए एमडी जनरल मेडिसिन की क्लोजिंग रैंक 5032 रही। वहीं, ओबीसी श्रेणी में एमडी पीडियाट्रिक्स की सीट 7677 ऑल इंडिया रैंक पर ही भर गई। इससे स्पष्ट है कि युवा डॉक्टर इन दोनों क्लिनिकल विषयों में विशेषज्ञता हासिल करने को प्राथमिकता दे रहे हैं।

पीडियाट्रिक्स की मांग बढ़ने के पीछे एसकेएमसीएच में उपलब्ध बेहतर क्लिनिकल अनुभव और गंभीर मरीजों के इलाज की सुविधाओं को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुजफ्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों में बच्चों से जुड़ी गंभीर बीमारियों, विशेषकर चमकी बुखार के मामलों को देखते हुए यहां पीडियाट्रिक विभाग की भूमिका काफी अहम है। अस्पताल में पीडियाट्रिक क्रिटिकल केयर की सुविधा होने से पीजी विद्यार्थियों को गंभीर रूप से बीमार नवजात और बच्चों के उपचार का व्यावहारिक अनुभव मिलता है।
वहीं, जनरल मेडिसिन में विशेषज्ञता हासिल करने को लेकर भी अभ्यर्थियों की दिलचस्पी बढ़ी है। विशेषज्ञों के अनुसार, क्लिनिकल ब्रांचों में प्रशिक्षण के दौरान मरीजों के इलाज का व्यापक अनुभव भविष्य में चिकित्सा सेवा और विशेषज्ञ चिकित्सक के रूप में करियर बनाने के अवसर उपलब्ध कराता है। ऑल इंडिया काउंसलिंग के पहले राउंड के ये आंकड़े एसकेएमसीएच में मेडिकल पीजी की क्लिनिकल सीटों की मांग को दर्शाते हैं।












