-नाशीजीव प्रबंधन केंद्र पटना द्वारा सरैया में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
सम्वाददाता। पटना।
भारत सरकार के अधीन कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र पटना द्वारा मुज़फ्फरपुर जिले के सरैया प्रखंड अंतर्गत अजीतपुर ग्राम में दो दिवसीय आई पी एम ओरियंटेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में आए अतिथियों का स्वागत पुस्पगुच्छ भेंट कर किया गया एवं मौजूद अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया ।इस दौरान बिहार सरकार के कृषि विभाग से मुख्य अतिथि श्री चंद्रदीप कुमार, सहायक निदेशक (पौधा संरक्षण) द्वारा मक्का फसल के कीट एवं व्याधि के प्रबंधन के बारे मे तथा पौधा संरक्षण से संबंधित राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के क्रम में प्रभारी अधिकारी सुनील सिंह, पौधा संरक्षण अधिकारी द्वारा आईपीएम के महत्व , आईपीएम के सिद्धांत एवं उसके विभिन्न आयामों के बारे में, कीटनाशकों के सुरक्षित एवं संतुलित इस्तेमाल, मनुष्य पर होने वाले कीटनाशकों का दुष्प्रभाव एवं निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कृषि फसलों में रसायनों के अधिकतम अनुमेय अंश के संबंध में जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान केंद्र के कुलदीप कुमार द्वारा धान एवं सब्जियों में लगने वाले विभिन्न रोग व्याधि के बारे में विस्तार से बताया गया तथा यांत्रिक विधियों जैसे येलो स्टिकी, ब्लू स्टीकी, फेरो मैन ट्रैप, फल मक्खी जाल, लाइट ट्रैप के उपयोग के बारे में और जैविक विधि के इस्तेमाल के विषय मे विस्तार से बताया गया ।श्री राजेश कुमार द्वारा ट्राईकोडर्मा से बीज उपचार का प्रदर्शन ,चूहे का प्रकोप एवं नियंत्रण और फॉल आर्मी बर्म के प्रबंधन, मित्र एवं शत्रु कीटों की पहचान के बारे मे, नीम आधारित एवं अन्य वानस्पतिक कीटनाशक के महत्व एवं उपयोग तथा कीटनाशकों के लेवल एवं कलर कोड के बारे में बताया गया। कार्यक्रम के दौरान केंद्र के अधिकारियों द्वारा आईपीएम प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया जिसमें आईपीएम के विभिन्न आयामों का प्रदर्शन किया गया। केंद्र के प्रभारी अधिकारी द्वारा बताया गया कि कार्यक्रम के दूसरे दिन किसानों को खेत भ्रमण करा कर के कृषि परिस्थितिकी तंत्र विश्लेषण के बारे में भी विस्तार से बताया एवं प्रदर्शन करके दिखाया जाएगा कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग के संजीव कुमार, फील्ड ऑफिसर, किसान सलाहकार धर्मेंद्र कुमार एवं केंद्र के श्री सुरेंद्र प्रसाद साह, वैज्ञानिक सहायक एवं अंकित कुमार तकनीकी सहायक मौजूद रहे।कार्यक्रम में 50 से अधिक प्रगतिशील किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यक्रम को सफल बनाने मे प्रगतिशील किसान श्री धर्मेंन्द् कुमार का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
















