-नारायणपुर में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत निकली प्रभात फेरी, ग्रामीणों ने लिया संकल्प
राजापाकर (वैशाली) – संजय श्रीवास्तव।
राजापाकर प्रखंड के नारायणपुर बुजुर्ग पंचायत स्थित बिरना लखनसेन गांव में रविवार को बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत प्रभात फेरी सह जागरूकता रैली निकाली गई। यह कार्यक्रम स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान के तत्वावधान और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन परियोजना के सहयोग से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वार्ड सदस्य सीता देवी ने की जबकि संचालन अधिकार मित्र संतोष कुमार ने किया।
इस अवसर पर संस्थान के सचिव सह परियोजना निदेशक सुधीर कुमार शुक्ला ने कहा कि वैशाली को बाल विवाह मुक्त जिला घोषित कराने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराया जा रहा है। इसमें विशेष रूप से बाल अधिकार, बाल श्रम, यौन शोषण और बाल तस्करी जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।
श्री शुक्ला ने स्पष्ट किया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2030 तक देश को पूरी तरह बाल विवाह मुक्त राष्ट्र बनाना है।

अधिकार मित्र संतोष कुमार ने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि वैशाली जिले में अब भी 47 प्रतिशत बाल विवाह के मामले दर्ज किए जाते हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि देशभर में हर एक मिनट में तीन बाल विवाह के मामले सामने आते हैं। इसके पीछे अशिक्षा, गरीबी और जागरूकता की कमी प्रमुख कारण हैं।
विधिक सेवक एवं ज्ञानदीप कोचिंग के संचालक पंकज कुमार ने ग्रामीणों से अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले तो तुरंत 1098 (बाल सहायता हेल्पलाइन) या 112 (आपातकालीन सेवा) पर जानकारी दें, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके और बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।
प्रभात फेरी और रैली में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, किशोर-किशोरियों और अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी रही। अंत में सभी ने बाल विवाह के खिलाफ आवाज़ बुलंद करने और बाल विवाह मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया।












