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द उम्मीद की अनूठी पहल: समस्तीपुर में फर्स्ट एड वर्कशॉप के ज़रिए 60 युवाओं ने सीखी जीवनरक्षक तकनीकें

-द उम्मीद की अनूठी पहल: समस्तीपुर में फर्स्ट एड वर्कशॉप के ज़रिए 60 युवाओं ने सीखी जीवनरक्षक तकनीकें

✍🏻 समस्तीपुर। संवाददाता।

समस्तीपुर जिले में सामाजिक संस्था “द उम्मीद” द्वारा आयोजित 15 दिवसीय सोशल समर इंटर्नशिप के समापन अवसर पर युवाओं और इंटर्न्स के लिए प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) पर विशेष वर्कशॉप का आयोजन किया गया। यह आयोजन फेथ हॉस्पिटल में किया गया, जिसमें मुख्य प्रशिक्षक के रूप में प्रसिद्ध चिकित्सक एवं द उम्मीद मेडिकल कोर के अध्यक्ष डॉ. सोमेंदु मुखर्जी ने नेतृत्व किया।

वर्कशॉप में डॉ. मुखर्जी ने CPR (Cardio Pulmonary Resuscitation) सहित अन्य जीवनरक्षक तकनीकों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा,

> “भारत में हर साल करीब डेढ़ लाख लोग सड़क दुर्घटनाओं में मारे जाते हैं। ऐसे में फर्स्ट एड का ज्ञान किसी की जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। लोग अक्सर आपातकालीन स्थिति में चुपचाप देखते रहते हैं, जबकि थोड़ी सी पहल किसी की ज़िंदगी बचा सकती है।”

इस कार्यशाला में 60 से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया, जिन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। द उम्मीद के उपाध्यक्ष आदेश कुमार ने बताया कि यह प्रशिक्षण न केवल युवाओं को आत्मविश्वासी बनाता है, बल्कि उन्हें सामाजिक रूप से जागरूक और उत्तरदायी भी बनाता है।

द उम्मीद के बोर्ड सदस्य नवनीत कुमार ने वर्कशॉप की सफलता पर संतोष जताया और फेथ हॉस्पिटल व डॉ. सोमेंदु मुखर्जी का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य युवाओं को समाज के प्रति संवेदनशील बनाना और उन्हें कौशल आधारित प्रशिक्षण देकर भविष्य के लिए तैयार करना है।

इस वर्कशॉप में NSS और एनसीसी कैडेट्स की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। मौके पर संस्था से जुड़े प्रमुख सदस्य हरि माधव, मंदिरा पालित, खुशबू सुमन, प्रियंका, अंजलि, रौशन, धीरज, राहुल, सौम्या, रिया, अमित सहित कई युवा उपस्थित थे।

“द उम्मीद” की यह पहल न केवल स्वास्थ्य और सुरक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो रही है, बल्कि युवाओं को समाज सेवा के लिए एक नई दिशा भी दे रही है।