चंपारण की खबर::
– दहेज हत्या मामले में ससुर को सात वर्षों का सश्रम कारावास
मोतिहारी / राजन द्विवेदी ।
उन्नीसवीं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुश्री सीमा भारतीया ने दहेज के लिए पतोहु की हत्या मामले में दोषी पाते हुए ससुर को सात वर्षों की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अभियुक्त द्वारा कारागार में बिताए अवधि का समायोजन सजा की अवधि में होगी। सजा ढाका थाना के पचपकड़ी निवासी जाल मोहम्मद को हुई। मामले में छौडादानो थाना के सिमरहिया निवासी आलम मियां ने ढाका थाना कांड संख्या-431/2020 दर्ज कराते हुए मृतक नाजदा खातून के पति अतिउल्लाह, ससुर जाल मोहम्मद तथा सास आसमा खातून को नामजद किया था। जिसमें कहा था कि उसकी पौत्री नाजदा खातून की शादी वर्ष 2019 में अतिउल्ला के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही नामजद अभियुक्तगण दहेज में मोटरसाइकिल की मांग करते थे। जिसको लेकर उसकी पौत्री को नामजद लोग प्रताड़ित करते रहते थे। 18 अक्तूबर 2020 को करीब 12 बजे सूचना मिली कि उसकी पौत्री नाजदा खातून की हत्या उसके परिजनों ने गला दबाकर कर दी तथा फंदा लगा कर टांग दिया। वे जब अपनी पौत्री के ससुराल गाए तो परिजन फरार थे तथा उसकी पौत्री का शव घर में टंगा था। पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराई।

पुलिस 23 अक्टूबर 2020 को कांड के नामजद अभियुक्त जाल मोहम्मद को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दी तथा 30 दिसंबर 2020 को उसके विरूद्ध आरोप पत्र न्यायालय में समर्पित कर दी। अन्य दो अभियुक्तों का अनुसंधान अब तक जारी है। सत्रवाद 244/2021 विचारण के दौरान अपर लोक अभियोजक रमेश प्रसाद सिंह ने आठ गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर अभियोजन पक्ष रखा। वहीं बचाव पक्ष की ओर से वरीय अधिवक्ता रजनीकांत प्रसाद ने अपनी जोरदार दलीलें पेश की। न्यायाधीश ने वाद विचारण के बाद धारा 304 बी भादवि में दोषी पाते हुए नामजद अभियुक्त को उक्त सजा सुनाई।












