– श्रद्धालुओं के लिये ट्यूबवल में मोटर लगाकर नदी में जमा किया पानी
पटना/दरभंगा(बिहार)। दीपक कुमार तिवारी।
वर्ल्ड नेचुरल डेमोक्रेसी द्वारा आयोजित नदी पदयात्रा में एक अनोखा प्रेरक प्रसंग सामने आया है। दरभंगा जिला में जब यात्रा काकरघाटी से पहले पड़ाव में जिवछघाट पहुँची तो पुल के नीचे थोड़ा पानी देखा गया, जिसे मिटटी से घेरकर जमा किया गया था। पता चला कि नदी के पूरी तरह सूख जाने के कारण दूर-दराज़ से यहाँ पूजा-अर्चना करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिये बेहद कठिनाई होती थी। उन्हें पानी नहीं मिलता था। तब वहाँ के मुरिया निवासी जगदीश, शम्भू, जितेन्द्र, राजदेव, राम नारायण ने चन्दा मिलाकर अपने घर के ट्यूबवल में दस हज़ार रूपये में मोटर ख़रीदकर लगाया और उस मोटर से पानी निकालकर नदी में जमा किया। नदी में पानी जमा करने वालों ने बताया कि वैशाली, सीतामढ़ी, हसनपुर, नेपाल आदि से सन्तान प्राप्ति के मन्नत से जो महिला-पुरुष श्रद्धालु यहाँ आते हैं, उन्हें यहाँ आकर निराशा हाथ लगती थी, क्योंकि नदी में जल नहीं है। इसी दृष्टि से चन्दा करके मोटर लगवाया ताकि उन्हें लौटकर बिल्कुल निराश न जाना पड़े।

इस सराहनीय कार्य के लिये जगदीश सहनी, शम्भू सहनी और राम नारायण सहनी को नदी सत्याग्रह के तीसरे चरण में तालाब बचाओ अभियान संचालक एवं पर्यावरणविद नारायण जी चौधरी के हाथों से माला तथा मुख्य अतिथि के रूप में आये वनस्पति वैज्ञानिक प्रो. विद्यानाथ झा द्वारा शाल से सम्मानित किया गया। वहीं जितेन्द्र सहनी एवं राजदेव सहनी को वर्ल्ड नेचुरल डेमोक्रेसी अध्यक्ष डॉ. जावैद अब्दुल्लाह ने स्वयं जीवछघाट जाकर नदी पर ही शाल से सम्मानित किया। उज्जवल भविष्य फ़ाउंडेशन के बिहार ज़ोन प्रबन्ध निदेशक रमा शंकर प्रसाद ने भी इस परोपकारी कार्य की सराहना की है।
















