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जनवाद के रास्ते बदलाव की पहल: बंदरा में जनवादी संघर्ष मोर्चा की बैठक, 40 सदस्यीय इकाई का गठन

-जनवाद के रास्ते बदलाव की पहल: बंदरा में जनवादी संघर्ष मोर्चा की बैठक, 40 सदस्यीय इकाई का गठन

✍🏻 मुजफ्फरपुर/बंदरा से विशेष रिपोर्ट

“अर्थवाद नहीं, जनवाद से होगा जनता के अधिकारों का संरक्षण”—यह संकल्प शनिवार को बंदरा प्रखंड के पियर उच्च विद्यालय में आयोजित जनवादी संघर्ष मोर्चा की बैठक में लिया गया। मोर्चा के पर्यवेक्षक पृथ्वीनाथ पासवान ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार और बेलगाम नौकरशाही ने आम जनता को हाशिए पर ला दिया है। युवाओं का पलायन, प्रशासनिक उदासीनता और रोज बढ़ती हत्याएं इस बात का प्रमाण हैं कि शासन व्यवस्था पंगु हो चुकी है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान समय में संघर्ष ही एकमात्र रास्ता है जिससे जनता के सवालों को मजबूती से उठाया जा सकता है। मोर्चा गांव-गांव जाकर लोगों को संगठित करेगा।

वंशीधर ब्रजवासी के प्रखंड प्रतिनिधि श्याम किशोर ने कहा कि जनवादी संघर्ष मोर्चा की स्थापना विधान पार्षद ब्रजवासी ने की है, जो आज के दौर में सच्चे लोकतंत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने जनबल की ताकत को धनबल के ऊपर साबित किया है। मोर्चा लोगों से जुड़कर जमीनी मुद्दों पर संघर्ष करेगा।

बैठक की अध्यक्षता चंदेश्वर प्रसाद वर्मा और संचालन अनिल ओझा ने किया।

🔹 40 सदस्यीय प्रखंड इकाई गठित:

अध्यक्ष: कमलेश शर्मा ‘माही’

महासचिव: अनिल ओझा

संयोजक: दीपक कुमार

प्रवक्ता: विनय सहनी

सोशल मीडिया प्रभारी: सुनिल कुमार

इस अवसर पर मंजू कुमारी, बीरेंद्र पासवान, अजय कुमार, चंद्रभूषण त्रिवेदी, आदित्य नाथ, उमेश झा, राजेश कुमार सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।

🔸 प्रमुख प्रस्ताव:

1. रतवारा-ढोली घाट पुल का निर्माण चुनाव पूर्व पूरा किया जाए।

2. स्नातक रोजगार गारंटी योजना लागू की जाए।

3. जन वितरण प्रणाली की निगरानी हेतु जनवादी संघर्ष मोर्चा की अलग कमेटी गठित की जाएगी।

 

जनवादी संघर्ष मोर्चा ने स्पष्ट कर दिया कि जनता की समस्याओं को लेकर अब चुप नहीं बैठा जाएगा—संघर्ष होगा, सड़कों पर भी और प्रशासनिक गलियारों में भी।