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जगमगा उठी सीतामढ़ी की धरा,सजाया गया था मंदिरें;जलाया गया हर दर पर दीप

संवाददाता। सीतामढ़ी।

प्रकाश पर्व दीपावली का त्यौहार सीतामढ़ी के सभी मन्दिरों में धूम धाम से मनाया गया। इस अवसर पर रजत द्वार माता जानकी मन्दिर में सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। परिवार के स्त्री पुरुष व बच्चों के साथ सीतामढ़ी वासियों ने माता जानकी के दरबार का दर्शन कर सुख शान्ति व समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया। दीपावली के अवसर पर रजत द्वार जानकी मन्दिर के गर्भ गृह को फूल, माला से सजाया गया था और पूरा मन्दिर परिसर रौशनी से नहा रहा था। वहीं मन्दिर परिसर में महन्त विनोद दास की देख रेख में मनोहारी रंगोली के साथ भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया गया था।


श्री सीता जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महामंत्री राजेश कुमार सुन्दरका ने कहा कि दीपावली का यह पर्व चौदह वर्ष के वनवास के बाद, माता सीता व लक्ष्मण के साथ श्री राम के अयोध्या वापस लौटने का उत्सव है। वनवास की इस अवधि में श्री राम ने ऋषि मुनियों से ज्ञान अर्जित किया, सुदूर वनों में बसने वाले आम लोगों को संगठित कर, पाप व बुराई पर विजय प्राप्त की। सुन्दरका ने कहा कि दीपावली, एक उदार व कल्याणकारी राज्य के हमारे आदर्श- ‘राम राज्य’ के अभ्युदय का भी प्रतीक है। यह पर्व, श्री राम के जीवन चरित में निहित सद्गुणों के प्रति हमारी गहरी आस्था को दर्शाता है। उन्होंने एक आदर्श राजा, आज्ञाकारी पुत्र, एक अजेय योद्धा और सदाचार की जो मर्यादाएं स्थापित की थीं, वे उन्हें पुरुषोत्तम श्रीराम के रूप में श्रद्धेय बनाती हैं, जिनका अनुसरण मानवता पीढ़ियों से करती रही है।
दीपोत्सव और पूजा के दौरान जानकी मन्दिर के महन्त विनोद दास, मैनेजर अनिल पाण्डेय, श्री सीता जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष आलोक कुमार व महामंत्री राजेश कुमार सुन्दरका, सांसद पत्नी मंजू देवी, प्रिन्स तिवारी, किशन कुमार, पण्डित त्रिलोकीनाथ, पण्डित त्रिभुवन, स्नेह मिश्रा, कौस्तुभ मिश्रा, तितली, पंखुड़ी, सौरभ, रूपेश शर्मा, नवीन शर्मा, धीरज, विकास समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त उपस्थित थे।