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चीन नेपाल को ऋण में फंसाने में हो रहा है सफल:विनय

-चीन नेपाल को ऋण में फंसाने में हो रहा है सफल

जनकपुरधाम/मिश्रीलाल मधुकर।

चीन ने नेपाल को ऋण के जाल में फंसाना का रणनीति शुरू किया है जिसमें वे सफल भी हुए हैं। बुधवार को जनकपुरधाम में राष्ट्रीय एकता अभियान द्वारा आयोजित’ “चिनियां अभ्यास र असर”बिषय पर अपने अध्यक्षीय भाषण में राष्ट्रीय एकता अभियान के अध्यक्ष विनय यादव ने कहीं। उन्होंने कहा कि चीन नेपाल को ऋण के मकरजाल में फंसाकर श्री लंका बनाना चाहता है।जिसमें वे सफल भी हो रहा है।चीन नेपाल की भूमिको अतिक्रमण कर रहा हैं।चीन के राजनीति में हस्तक्षेप कर रहा है। वहीं अघोषित नाकाबंदी कर रहा है। विनय यादव ने कहा किचीन नेपाल को तिब्बत बनाने की जुगत में है। इसलिए सभी नेपाली को इसका बिरोध करना होगा। कार्यक्रम में साहित्यकार सुदर्शन लाल कर्ण ने कहा कि नेपाल को चीन ऋण लेकर नेपाल में औपनिवेशवाद कायम करना चाहता है।पोखरा में चीन ऋण लेकर वइमआनस्थल बनाया है,इसे कब्जा करने की षड्यंत्र कर रहा है।डीआरआई मार्फत नेपाल को ऋण को जंगल में फंसाने की कसरत शुरू किया गया है। नेपाल आर्थिक संकट में फंसा हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा कंपनी के साथ ८०लाख रुपया धरौती क्या दर्शाता है? कैलाश भ्रमण आने बाले यात्री को अनावश्यक यातना दे रही है।

संविधान सभा सदस्य वी.पी.यादवने कहा कि चीन के विस्तारवादी नीति को सभी लोग मिलकर जव तक रोकेंगे नहीं नेपाल का विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि चीन के लिए नियुक्त नेपाली राजदूत का ओहदा प्रमाण पत्र न स्वीकार करने तो कभी चीनी दूतावास द्वारा नेपाल के राजनीति में हस्तक्षेप करना एक नियति सी बन गया है। हिंदी भाषा अभियानी रमन पाण्डेय नेकहा कि सनातन संस्कृति नेपाल को आत्मा हैं। उन्होंने कहा वर्तमान परिवेश में समाज में चल रहे जातीय द्वंद्व का समाधान राष्ट्रीय एकता अभियान ही कर सकता है। राष्ट्रीय एकता का सूत्र हिन्दू संस्कृति ही हैं। इसलिए नेपाल को संघीय हिन्दू गणतंत्र कायम होने के लिए पहल करना होगा। कार्यक्रम में धार्मिक अभियंता भोगेंद्र लाल कर्ण,डा.वीरेन्द्र कुमार, प्राध्यापक बालेश्वर ठाकुर,मारवाड़ी सेवा समिति का अध्यक्ष निर्मल चौधरी,वंदना पांडेय सहित कई लोगों ने बिचार रखें।