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चरस तस्करी मामले में एक को दस वर्षों के सश्रम करावास की सजा

चंपारण की खबर::
-चरस तस्करी मामले में एक को दस वर्षों के सश्रम करावास की सजा

मोतीहारी / राजन द्विवेदी ।

प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ब्रजेश कुमार ने चरस तस्करी मामले में दोषी पाते हुए नामजद अभियुक्त को दस वर्षों का आजीवान करावास व दो लाख रूपए अर्थ दंड की सजा सुनाए। अर्थ दंड नहीं देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। सजा रक्सौल थाना के जोकियारी निवासी धूपन सिंह के पुत्र प्रदीप सिंह को हुई। मामले में पंटोका एसएसबी कैम्प के सहायक उप निरीक्षक हरलाल तालुकदार ने प्रदीप सिंह को नामित करते हुए रक्सौल थाना कांड संख्या – 28/2016 दर्ज कराया था। जिसमें कहा था कि 3फरवरी2016 को गुप्त सूचना मिली कि नेपाल से एक तस्कर मादक पदार्थ लेकर कौड़ीहार चौक के पास से गुजरने वाला है तथा वह मादक पदार्थ स्थानीय व्यक्ति को डीलिवर करने वाला है। सूचना के आलोक में वरीय पदाधिकारी के निर्देश पर कौड़िहार चौक के पास एसएसबी जवानों ने अपनी जाल बिछा कर आने जाने वालों पर पैनी नजर रखने लगे। करीब 11.30 बजे दिन में गुप्तचर द्वारा बताए हुलिया से मिलता जुलता एक व्यक्ति सफेद रंग के झोला में कुछ रखे नेपाल बॉर्डर पार करके कौड़िहार चौक के पास आया।

पैनी नजर गड़ाए एसएसबी जवानों ने उक्त युवक को पकड़ा। जांच के दौरान उसके झोला से पांच प्लास्टिक के बंडल में 2.900 किलोग्राम चरस बरामद हुआ। एनडीपीएस वाद संख्या-6/2016 विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक डा. शंभूशरण सिंह ने सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर अभियोजन पक्ष रखा। न्यायधीश ने विवेचना के बाद 20(b)ii(c) एवम 23(c) में दोषी पाते हुए उक्त सजा सुनाए। कारागार में बिताए अवधि का समायोजन सजा की अवधि में होगी।